Asian stocks: एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार 24 सितंबर को भारी तेजी आई और इसने पिछले ढाई सालों का अपना सबसे ऊंचा स्तर छू लिया। इस तेजी के पीछे मुख्य वजह चीन के नए आर्थिक ऐलान रहे। इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों में और कटौती की संभावना ने निवेशकों का जोश हाई कर दिया है। साथ ही डॉलर पर दबाव से भी तेजी को सपोर्ट मिला है।
चीन के फाइनेंशियल रेगुलेटर ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंकों के रिजर्व में 0.50 प्रतिशत की कटौती और होम लोन की ब्याज दरों को घटाने का ऐलान किया। इन उपायों का उद्देश्य चीन की धीमी हो रही आर्थिक ग्रोथ को रफ्तार देना है। इन ऐलान के बाद चीन के ब्लू-चिप CSI300 इंडेक्स में 1% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 1% ऊपर खुला।
हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 2% से अधिक उछला, जबकि मेनलैंड प्रॉपर्टी इंडेक्स में 5% की बढ़त देखी गई। इन सबके चलते MSCI का एशिया-प्रशांत शेयरों वाला इंडेक्स (जापान को छोड़कर) 0.41% बढ़कर 588.43 पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
ANZ के एशिया रिसर्च प्रमुख खून गोह ने कहा, "हालांकि बाजार को इस बात की पहले से उम्मीद थी कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ प्रोत्साहन उपायों का ऐलान किया जा सकता है, लेकिन मैं कहूंगा कि जो पैकेज घोषित किया गया है वह बाजार की उम्मीद से कहीं अधिक है। यह कदम चीन की इकोनॉमी को सहारा दे सकता हैं। लेकिन क्या यह उसकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी सभी चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त है, मुझे लगता है कि यह अभी भी देखा जाना बाकी है।"
ऑस्ट्रेलिया का रिजर्व बैंक (RBA) भी अपनी मॉनिटरी पॉलिसी को लेकर बैठक करने वाला है और और निवेशक इसके फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच जापान का निक्केई इंडेक्स 1.4% उछलकर तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.95 पर स्थिर रहा, जो बीते सप्ताह के एक साल के निचले स्तर 100.21 के करीब है।
तेल की कीमतों में भी हलचल
तेल की कीमतों में भी हल्की बढ़त देखी गई, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.26% बढ़कर 74.09 डॉलर प्रति बैरल हो गए, जबकि अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर 70.6 डॉलर पर पहुंच गए।