4 मई को आएंगे बंगाल समेत 5 राज्यों के नतीजे, ब्रोकरेज ने बताया बाजार पर क्या होगा असर

Election Results 2026: 4 मई को आने वाले चुनाव नतीजे शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म ट्रिगर बन सकते हैं। कोटक के मुताबिक, बंगाल में BJP की जीत से तेजी आ सकती है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी।

अपडेटेड May 02, 2026 पर 10:57 PM
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Kotak का मानना है कि चुनावी नतीजों से आई तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी।

Election Results 2026: कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनाव शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म ट्रिगर बन सकता है। अगर नतीजे एग्जिट पोल के मुताबिक आते हैं, तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल के मुकाबले पर निवेशकों की नजर रहेगी।

BJP की जीत से बाजार को सहारा

Kotak का कहना है कि अगर पश्चिम बंगाल में BJP को जीत मिलती है, तो बाजार में पॉजिटिव रिएक्शन आ सकता है। 4 मई 2026 को जब नतीजे आएंगे, अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में थोड़े समय के लिए उछाल देखने को मिल सकता है।


बाकी राज्यों की स्थिति भी अहम

एग्जिट पोल के मुताबिक, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मौजूदा सरकारों के बने रहने की संभावना है। वहीं, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला है। इस पूरे राजनीतिक माहौल से बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, यह असर ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।

तेल की कीमतें तय करेंगी बाजार की दिशा

Kotak का मानना है कि चुनावी नतीजों से आई तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। बाजार की असली दिशा कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी, जो फिलहाल सबसे बड़ा शॉर्ट टर्म जोखिम बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल का दाम 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। बाद में थोड़ी नरमी आई, लेकिन अभी भी यह 114 डॉलर के आसपास बना हुआ है।

सरकार के सामने मैक्रो चुनौतियां

Kotak का मानना है कि शुरुआती उत्साह के बाद बाजार एक सीमित दायरे में ट्रेड करेगा। निवेशकों का ध्यान फिर से कंपनियों के नतीजों, तेल की कीमतों और सरकारी नीतियों पर आ जाएगा।

ब्रोकरेज के मुताबिक, सरकार को आने वाले समय में कुछ बड़े आर्थिक मुद्दों पर फोकस करना होगा। इसमें ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, कमजोर मॉनसून की वजह से बढ़ती फूड महंगाई और बढ़ता करंट अकाउंट डेफिसिट शामिल हैं।

10 महीने का बिना चुनाव वाला समय

2027 की शुरुआत तक कोई बड़ा चुनाव नहीं है, जिससे सरकार के पास करीब 10 महीने का समय होगा। इस दौरान सरकार एनर्जी सब्सिडी में बदलाव, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और जरूरी सुधारों पर काम कर सकती है।

Kotak को कॉरपोरेट ग्रोथ पर भरोसा है। ब्रोकरेज के मुताबिक, Nifty-50 कंपनियों का नेट प्रॉफिट FY2027 में 19.3% और FY2028 में 13.9% की दर से बढ़ सकता है।

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