Auto Stocks: अक्टूबर महीने की मजबूत बिक्री ने त्योहारों के दौरान बनी रहने वाली अच्छी मांग को दिखाया तो आज 2 नवंबर को ऑटो कंपनियों के शेयरों की चमक बढ़ गई। एनालिस्ट्स का मानना है कि दोपहिया और कमर्शियल गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों के पास बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने की बेहतर क्षमता है। इससे ऑटो सेक्टर में बहार छा गई। फिलहाल इस सेक्टर की दिग्गज 15 कंपनियों के शेयरों को ट्रैक करने वाले निफ्टी इंडेक्स निफ्टी ऑटो में 1% से अधिक बढ़त है। फिलहाल यह 1.14% की मजबूती के साथ 25,711.90 पर हैं।
क्या है स्टॉक वाइज स्थिति?
अभी निफ्टी ऑटो के 15 में सिर्फ तीन शेयर- आयशर मोटर्स (Eicher Motors), बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) ही लाल हैं और गिरावट भी 1% से कम ही है तो दूसरी तरफ बढ़त वाले शेयर 3% तक ऊपर चढ़े हैं। मारुति (Maruti) के शेयर 3% से अधिक मजबूत हुए हैं तो टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स (Tata Motors PV), हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) और अशोक लीलैंड (Ashok Leyland) के शेयर 2-2% से अधिक मजबूत हुए हैं।
क्या कहना है ब्रोकरेजेज का?
अक्टूबर महीने की बिक्री के आंकड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि पिछले साल जीएसटी में कटौती के चलते भारी तेजी के हाई बेस के बावजूद मांग मजबूत बनी रही। हालांकि जानकारों का मानना है कि असली परीक्षा त्योहारी सीजन के बाद होगी, जब कच्चे माल की बढ़ती लागत और सप्लाई की दिक्कतें ग्रोथ पर दबाव डाल सकती हैं।
जेफरीज ने जिक्र किया है कि टू-व्हीलर की मांग मजबूत बनी रही और कारों की बिक्री में तेजी आई। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार थोक बिक्री के अनुमान की तुलना में अक्टूबर में टीवीएस मोटर (TVS Motor), मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) के नतीजे काफी बेहतर रहे। जेफरीज ने टीवीएस और आयशर मोटर्स को अपनी पसंदीदा कंपनियों के रूप में बरकरार रखा है।
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global का कहना है कि इस साल दिवाली अक्टूबर की बजाय नवंबर में पड़ने के कारण पिछले साल के मुकाबले इस साल की रिटेल बिक्री की तुलना करना मुश्किल हो गया है, जिससे असल मांग का सही अंदाजा नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल एमके ग्लोबल को कार कंपनियों के मुकाबले टू-व्हीलर और कमर्शियल गाड़ियां बनाने वाली कंपनियां अधिक पसंद है, क्योंकि इनके पास कच्चे माल की बढ़ती लागत का बोझ कीमतें बढ़ाकर ग्राहकों पर डालने की बेहतर क्षमता है।
टीवीएस मोटर की अक्टूबर महीने में बिक्री में सालाना आधार पर 29% बढ़ गया तो मारुति सुजुकी ने रिकॉर्ड 2,76,120 कारें बेचीं जो 25% अधिक रहा। टाटा मोटर्स के कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री में सालाना आधार पर 27% और अशोक लीलैंड की बिक्री में 23% का इजाफा हुआ। हालांकि ट्रैक्टर सेगमेंट कमजोर रहा और महिंद्रा एंड महिंद्रा की कुल बिक्री 12% गिर गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से त्योहारी तारीखों में बदलाव के कारण हुई है लेकिन जानकारों के मुताबिक हाई बेस और बढ़ती लागत का रिस्क बना हुआ है।
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