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Autofurnish Listing: 5% बढ़त में शुरुआत के बाद 5% फिसला शेयर, लगा लोअर सर्किट

Autofurnish Listing: ऑटोफर्निश मुख्य रूप से B2B यानि कि बिजनेस टू बिजनेस सेगमेंट में काम करती है। कंपनी के प्रमोटर पुनीत अरोड़ा और रूपल वाधवा हैं। कंपनी के प्रोडक्ट्स ऑटोफर्निश और मोटोट्रांस ब्रांड के तहत बेचे जाते हैं

Ritika Singhअपडेटेड May 29, 2026 पर 10:35 AM
Autofurnish Listing: 5% बढ़त में शुरुआत के बाद 5% फिसला शेयर, लगा लोअर सर्किट
Autofurnish IPO कुल 1.21 गुना भरा था।

ऑटोमेटेड एक्सेसरीज बनाने वाली ऑटोफर्निश की 29 मई को शेयर बाजार में लिस्टिंग तो प्रीमियम में हुई लेकिन फिर तुरंत आई गिरावट के चलते शेयर ने पूरी बढ़त गंवा दी। शेयर BSE SME पर लगभग 5 प्रतिशत बढ़त के साथ 43 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO प्राइस 41 रुपये था। इसके बाद इसमें लिस्टिंग प्राइस से 5 प्रतिशत की गिरावट आई और कीमत 40.85 रुपये के लोअर सर्किट तक चली गई।

कंपनी का 14.60 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 21 मई को खुला था और 25 मई को बंद हुआ। इसे कुल 1.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.17 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के​ लिए रिजर्व हिस्सा भी 1.17 गुना भरा।

ऑटोफर्निश मुख्य रूप से B2B यानि कि बिजनेस टू बिजनेस सेगमेंट में काम करती है। इसका मुख्य फोकस कारों और टूव्हीलर्स के लिए बॉडी कवर और फुट मैट जैसी ऑटोमोबाइल एक्सेसरीज की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, मार्केटिंग और बिक्री पर है। इसके प्रोडक्ट्स “Autofurnish” और “Mototrance” ब्रांड के तहत बेचे जाते हैं। कंपनी के प्रमोटर पुनीत अरोड़ा और रूपल वाधवा हैं।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

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