नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस के शेयरहोल्डर्स को 31 जुलाई को शानदार मुनाफा हो रहा है। कंपनी की तिमाही परफॉरमेंस अच्छी रहने से शेयर खरीद बढ़ी है। बीएसई पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में करीब 7 प्रतिशत तक उछलकर 1,128.80 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने बजाज फाइनेंस के शेयर के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाया है।
अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5985.75 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 4699.61 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 23165.45 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 19372.67 करोड़ रुपये था।
जून 2026 तिमाही में बजाज फाइनेंस के कुल खर्च बढ़कर 15,022.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। एक साल पहले खर्च 13,009.59 करोड़ रुपये के रहे थे। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का आंकड़ा सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 4,00,389 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले आंकड़ा 3,25,438 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत का इजाफा देखा गया और यह 11,495 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 9,270 करोड़ रुपये थी।
बजाज फाइनेंस का जून 2026 तिमाही में ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो 1.20 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.28 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.49 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 0.63 प्रतिशत था। NPA में गिरावट एसेट क्वालिटी में सुधार को दर्शाती है।
Bajaj Finance के शेयर पर ब्रोकरेज की राय
CLSA ने बजाज फाइनेंस के शेयर पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,300 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि बजाज फाइनेंस ने एक बार फिर अपना "आयरन मैन" वाला रुतबा साबित किया है। उम्मीद से बेहतर शुद्ध ब्याज आय, प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट और कम क्रेडिट कॉस्ट की वजह से शुद्ध मुनाफा अनुमान से 6% ज्यादा रहा।
CLSA ने कहा कि तिमाही की सबसे खास बात बजाज फाइनेंस की एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार रही। ब्रोकरेज का भरोसा है कि कंपनी पूरे साल के लिए 1.45-1.6% के क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। HSBC ने सभी अहम ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में बजाज फाइनेंस के लिए जून 2026 तिमाही को असाधारण रूप से मजबूत बताया। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग बनाए रखी और टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,270 रुपये प्रति शेयर कर दिया। ब्रोकरेज ने AUM ग्रोथ, नेट इंटरेस्ट मार्जिन और क्रेडिट कॉस्ट के लिए अपने अनुमान बढ़ाए हैं। HSBC ने कहा कि कंपनी का मैनेजमेंट मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी लेवल को बरकरार रखते हुए बिजनेस को और बढ़ाने को लेकर कॉन्फिडेंट दिखा।
नोमुरा ने भी 1,140 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने कहा कि अच्छे ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की वजह से जून तिमाही की कमाई उम्मीद से ज्यादा रही, जबकि एसेट क्वालिटी मजबूत बनी रही। बर्नस्टीन ने अपनी 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 840 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज ने कहा कि तिमाही को 24% की अच्छी AUM ग्रोथ, स्थिर नेट इंटरेस्ट मार्जिन और बेहतर होती एसेट क्वालिटी का सहारा मिला। क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.54% हो गई, जिससे साल-दर-साल कमाई में 27% की बढ़ोतरी हुई।
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