Tata Group Shares Prices: टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग का मसला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। खासकर 17 सितंबर को एन चंद्रशेखरन को पांच साल का एक्सटेंशन मिलने के बाद इस पर चर्चा बढ़ गई है। सवाल है कि टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग का सबसे ज्यादा फायदा ग्रुप की किस कंपनी को होगा?
टाटा केमिकल्स को होगा टाटा संस की लिस्टिंग से सबसे ज्यादा फायदा
डीआरचोकसी फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी का मानना है कि Tata Sons आखिरकार शेयर बाजारों में लिस्ट होगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा Tata Chemicals को मिलेगा। उन्होंने बताया कि शापोरजी पल्लोनजी ग्रुप (SP Group) की टाटा संस में करीब 19 फीसदी हिस्सेदारी है। एसपी ग्रुप को अगले डेढ़ से दो साल में करीब 25,000 करो़ड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।
टाटा संस की लिस्टिंग से टाटा समूह की कंपनियों की फंडिंग की जरूरत पूरी होगी
चोकसी ने कहा कि एयर इंडिया को भी करीब 24,000-25,000 करोड़ रुपये की फंडिंग की जरूरत है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का करीब 90,000 करोड़ रुपये निवेश का प्लान है। टाटा ग्रुप के डिजिटल बिजनेस को भी 28,000-29,000 करोड़ रुपये चाहिए। हालांकि, यह कंपनी अभी भी लॉस में है। उन्होंने बताया कि TCS से करीब 28,000-29,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलेगा, लेकिन इससे ग्रुप की पैसे की जरूरत पूरी नहीं होगी।
इनवेस्टर्स को अनिश्चितता के बावजूद शेयरों में निवेश बनाए रखने की सलाह
उन्होंने कहा कि ऐसे में Tata Sons की लिस्टिंग से ग्रुप की पैसे की जरूरत पूरी हो सकती है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि टाटा संस की लिस्टिंग से सबसे ज्यादा फायदा Tata Chemical को हो सकता है।" उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि टाटा केमिकल्स की टाटा संस में हिस्सेदारी की वैल्यू कंपनी की पूरी मार्केट वैल्यू से ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि इनवेस्टर्स को अनिश्चितता के बावजूद टाटा ग्रुप की कंपनियों में निवेश बनाए रखना चाहिए।
टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में 18 सितंबर को बड़ी गिरावट
Tata Group की कंपनियों में 18 सितंबर को गिरावट देखने को मिली। टाटा केमिकल्स का शेयर 11:20 बजे 8.52 फीसदी गिरकर 712.90 पर चल रहा था। TCS का शेयर 2.76 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,129 रुपये पर चल रहा था। टाटा मोटर्स सीवी का शेयर 0.78 फीसदी गिरकर 432.70 रुपये था। Tata Motors PV का शेयर भी 2.91 फीसदी गिरकर 305.40 पर था। हालांकि, 17 सितंबर को ग्रुप कंपनियों के शेयरों में तेजी आई थी। टाटा केमिकल्स सबसे ज्यादा चढ़ा था।
टाटा केमिकल्स के शेयरों में आई सबसे ज्यादा 8 फीसदी की गिरावट
टाटा केमिकल्स के शेयरों में 18 सितंबर को सबसे ज्यादा गिरावट की वजह यह है कि टाटा ट्रस्ट्स ने साफ कर दिया है कि वह टाटा संस की लिस्टिंग के खिलाफ है। शुरू से ही टाटा ट्रस्ट्स की इच्छा टाटा संस को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाए रखने की रही है। लेकिन, आरबीआई इसके लिए तैयार नहीं है। आरबीआई एनबीएफसी सरेंडर करने का टाटा संस का अप्लिकेशन खारिज कर चुका है। ऐसे में टाटा संस के पास फिलहाल खुद के लिस्ट कराने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।
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