ब्रोकरेज फर्म Investec ने Bajaj Finance के शेयरों को बेचने की सलाह दी, कहा-इस स्टॉक के अच्छे दिन खत्म हो चुके हैं

Bajaj Finance ने अपने निवेशकों को बहुत अच्छा रिटर्न दिया है। लेकिन, अब इसके सामने कई तरह की चुनौतियां दिख रही हैं। अनसेक्योर्ड मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ गई है। इस मार्केट में दाखिल होना कंपनियों के लिए पहले के मुकाबले आसान हो गया है

अपडेटेड Apr 12, 2023 पर 4:19 PM
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बजाज फाइनेंस के शेयर का भाव 12 अप्रैल को 0.64 फीसदी की तेजी के साथ 5,875 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कुछ महीनों में इस शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। बीते छह महीनों में इसका प्राइस 17.85 फीसदी टूटा है।

ब्रोकरेज फर्म Investec ने Bajaj Finance के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने इस शेयर को बेचने की सलाह दी है। इसका टारगेट प्राइस घटाकर 4,800 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि बजाज फाइनेंस के लिए कई तरह की चुनौतियां दिख रही है। हालांकि, इससे पहले ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और मुनाफा बनाने के मामले में बजाज फाइनेंस का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। लेकिन, अब हालात बदल गए हैं। अनसेक्योर्ड क्रेडिट मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ी है। इस मार्केट में दाखिल होना पहले के मुकाबले आसान हो गया है। बजाज फाइनेंस के सुपर नॉमर्ल प्रॉफिट को जारी रखना भी मुश्किल है।

काफी महंगा है बजाज फाइनेंस का शेयर

इनवेस्टेक के एनालिस्ट्स का कहना है कि सब्सिडियरी कंपनी बजाज हाउसिंग की लिस्टिंग और एनबीएफसी से बैंक बनने के रेगुलेटरी पुश की वजह से बजाज फाइनेंस के शेयरों की डिरेटिंग हो सकती है। इस रिस्क के बावजूद बजाज फाइनेंस के शेयर दूसरे प्राइवेट बैंकों के मुकाबले 90 फीसदी प्रीमियम पर चल रहे हैं। इनवेस्टेक का मानना है कि इसकी वजह यह है कि कंपनी से जुड़े रिस्क का असर शेयरों पर नहीं दिख रहा है।


नई कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतियोगिता

पिछले कुछ सालों में बड़ी वित्तीय कंपनियों ने अनसेक्योर्ड क्रेडिट पर अपना फोकस बढ़ाया है। दो साल से कम समय में One97 Communications, CIFC और Poonawalla ने अपनी बाजार हिस्सेदारी काफी बढ़ाने में सफल रही हैं। स्मार्टफोन की बढ़ती उपलब्धता से भी इस ट्रेंड को बढ़ावा मिला है। ग्राहकों के खर्च करने की आदत में बदलाव और FY23 में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का असर भी बजाज फाइनेंस की ग्रोथ पर पड़ा है।

प्राइवेट बैंक भी दे रहे BNPL की सुविधा

माना जा रहा है कि Jio Financail Services और Reliance Industries जैसी बड़ी कंपनियों की एंट्री फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में होने से भी प्रतियोगिता बढ़ेगी। इसका असर बजाज फाइनेंस की ग्रोथ पर पड़ेगा। प्राइवेट बैंक भी 'buy now, pay later' पर फोकस कर रहे हैं। पर्सनल लोन सेगमेंट में उनकी बढ़ती दिलचस्पी का असर एनबीएफसी के बिजनेस पर पड़ेगा।

छह महीने में 18 फीसदी टूट चुका है शेयर

बजाज फाइनेंस के शेयर का भाव 12 अप्रैल को 0.64 फीसदी की तेजी के साथ 5,875 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कुछ महीनों में इस शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। बीते छह महीनों में इसका प्राइस 17.85 फीसदी टूटा है। एक साल में भी इसका रिटर्न निगेटिव रहा है। इस दौरान इसका प्राइस करीब 20 फीसदी गिरा है। 2023 में अब तक इस शेयर का भाव 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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