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Bajaj Finance के विदेशी निवेशकों को लगने जा रहा है टैक्स का बड़ा झटका, जानिए क्या है पूरा मामला

बजाज फाइनेंस ने पिछले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर इश्यू का ऐलान किया। कंपनी 1:2 स्टॉक स्प्लिट और 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर इश्यू करेगी। कंपनी बीते 9 साल में पहली बार बोनस शेयर देने जा रही है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 06, 2025 पर 1:59 PM
Bajaj Finance के विदेशी निवेशकों को लगने जा रहा है टैक्स का बड़ा झटका, जानिए क्या है पूरा मामला
अगर किसी इनवेस्टर ने 2018 से पहले बजाज फाइनेंस के स्टॉक्स खरीदे हैं तो बोनस शेयरों को बेचने पर होने वाला कुल कैपिटल गेंस टैक्स के दायरे में आएगा।

बजाज फाइनेंस के स्टॉक्स में 2018 से पहले निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को टैक्स का बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, बजाज फाइनेंस ने पिछले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर इश्यू का ऐलान किया। कंपनी 1:2 स्टॉक स्प्लिट और 4:1 के अनुपात में बोनस शेयर इश्यू करेगी। कंपनी बीते 9 साल में पहली बार बोनस शेयर देने जा रही है। लेकिन, विदेशी निवेशकों को इससे टैक्स का बड़ा झटका लग सकता है।

ग्रैंडफादरिंग के प्रावधान बढ़ाएंगे मुश्किल

Bajaj Finance के शेयरों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों और ग्रैंडफादरिंग प्रोविजन से बड़ा झटका लग सकता है। सरकार ने ग्रैंडफादरिंग प्रोविजन का ऐलान 2018 में किया था। इससे लिस्टेड कंपनियों के शेयर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स के दायरे में आ गए। इस नियम के तहत जिन इनवेस्टर्स ने लिस्टेड कंपनी के शेयरों में 31 जनवरी, 2018 से पहले निवेश किया है, उन्हें स्टॉक की फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) पर एलटीसीजी का कैलकुलेशन करने की इजाजत है। इस नियम की वजह से निवेशकों पर एलटीसीजी टैक्स का बोझ काफी घट जाता है। लेकिन, मुश्किल यह है कि यह नियम बोनस शेयरों पर लागू नहीं होता है। बोनस शेयरों को फ्रेश एलॉटमेंट माना जाता है। इनकी एक्विजिशन कॉस्ट जीरो मानी जाती है।

बोनस शेयरों को बेचने पर चुकाना पड़ेगा ज्यादा टैक्स

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