Bank Nifty Trend : मंगलवार के कारोबारी सत्र में बैंक निफ्टी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। आज बैंकिंग इंडेक्स में शामिल सभी 14 शेयर बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। यह बढ़त रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रियायती फॉरेक्स स्वैप सुविधा की जानकारी जारी करने के बाद आई है। इन रियायतों का मकसद बैंकों और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को विदेश से फंड जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
आज दलाल स्ट्रीट में बैंकिंग शेयर जोश में नजर आ रहे हैं। इसके बैंक निफ्टी को दो दिन की गिरावट के बाद उबरने में मदद मिली है। सुबह 11 बजे के आसपास निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.28 प्रतिशत बढ़कर 54,758 पर दिख था। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.31 प्रतिशत की बढ़त दिख रही थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 1.04 प्रतिशत चढ़ा था।
निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में ICICI बैंक (1.5% ऊपर) और Axis बैंक (1.3% की बढ़त) शामिल हैं। Kotak Mahindra बैंक में भी 1% से ज्यादा की बढ़त हुई है। दूसरे बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी-खासी खरीदारी दिख रही है। Yes बैंक, Federal बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा में लगभग 1.7% की बढ़त हुई है। जबकि Canara बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में 1% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में 0.7% की बढ़त नजर आ रही है।
यह तेजी RBI की उन ऑपरेशनल गाइडलाइंस के बाद आई है,जो सोमवार को मार्केट बंद होने के बाद उसकी FCNR(B) डिपॉज़िट और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) स्कीम के लिए जारी की गई थीं। इस सुविधा के तहत,अधिकृत डीलर बैंक 30 सितंबर तक 3 से 5 साल की मैच्योरिटी वाली नई और रिन्यू की गई FCNR(B) डिपॉज़िट के लिए रियायती स्वैप विंडो का इस्तेमाल कर सकते हैं। सेंट्रल बैंक पात्रता प्राप्त विदेशी कर्ज के लिए भी स्वैप सुविधा देगा।
आरबीआई के फैसले पर ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की राय
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कहा है कि ये शर्तें लेंडर्स (बैंकों) के लिए फायदेमंद हैं और इनसे देश में बड़ी मात्रा में विदेशी पूंजी आ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा कि इस स्कीम के तहत FCNR(B) डिपॉज़िट पर बैंकों को हेजिंग का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। बता दें कि 2013 में इसी तरह के एक प्रोग्राम के दौरान हेजिंग का खर्च लगभग 3.5 प्रतिशत था। FCNR(B)डिपॉज़िट को कैश रिज़र्व रेश्यो (CRR)और स्टैच्यूटरी लिक्विडिटी रेश्यो (SLR) की जरूरतों से भी छूट मिलेगी।
एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग स्कीम के बारे में जेफरीज़ का कहना है कि बैंक और सरकारी कंपनियां विदेश से फंड जुटा सकती हैं और साथ ही RBI की रियायती स्वैप सुविधा का फायदा भी उठा सकती हैं। इससे हेजिंग की लागत कम हो जाएगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इन उपायों से देश में कुल 50-70 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है,जबकि 2013 के प्रोग्राम के दौरान यह निवेश लगभग 34 अरब डॉलर रहा था।
बैंकिंग शेयरों में आई तेजी से बाजार को भी सहारा मिला है। सेंसेक्स 285 अंक चढ़कर 73,809 पर पहुंच गया है। जबकि निफ्टी 88 अंक की बढ़त के साथ 23,200 के स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव हो गई है। बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों के मुकाबले तीन गुने से भी ज्यादा दिख रही है।
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