बैंक ऑफ बड़ौदा का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इसे देखते हुए कई ब्रोकरेज फर्मों ने बैंक की कमाई के अनुमानों को रिवाइज कर दिया है। ब्रोकरेज फर्मों ने बैंक की कम क्रेडिट लागत, एसेट क्वालिटी में सुधार और कोर फीस इनकम में बढ़ोतरी का हवाला दिया है। लेकिन साथ ही ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे और फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स के बैंक की लोन ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ने वाले असर की ओर भी इशारा किया है। शेयर में 2 नवंबर को मार्केट खुलते ही 4 प्रतिशत की तेजी दिखी।
सितंबर 2026 तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 6,737.28 करोड़ रुपये हो गया। स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 6,532 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है। यह एक साल पहले से 35.8 प्रतिशत अधिक है। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 13,026 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 0.22 प्रतिशत घटकर 2.74 प्रतिशत रह गया।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऋण वृद्धि का अनुमान पहले के 12-14 प्रतिशत से बढ़ाकर 13-15 प्रतिशत कर दिया है। डिपॉजिट ग्रोथ के अनुमान को 10-12% से बढ़ाकर 11-13% कर दिया है। शुद्ध ब्याज मार्जिन पहले के 2.75-2.95 प्रतिशत के अनुमानित दायरे में ही रहने की उम्मीद है। सितंबर 2026 तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 1.78 प्रतिशत रहा।
किस ब्रोकरेज से क्या रेटिंग
HSBC ने बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर के लिए रेटिंग को अपग्रेड करके 'बाय' कर दिया है। टारगेट प्राइस 286 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज ने FY27 से FY29 के लिए प्रति शेयर कमाई (EPS) के अनुमानों को 10.7% से 16.7% तक बढ़ा दिया है। इसके पीछे मजबूत कोर फीस इनकम और कम क्रेडिट लागत को कारण बताया गया है। उम्मीद जताई है कि बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) लगभग 1% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) लगभग 13% के स्तर पर बना रहेगा।
CLSA ने इस स्टॉक पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 335 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज ने एसेट क्वालिटी में सुधार को एक बड़ा सकारात्मक पहलू माना है। कहा है कि इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े प्रस्तावित दिशानिर्देशों का बैंक ऑफ बड़ौदा पर असर सीमित है। UBS ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 300 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक की लोन ग्रोथ को FCNR डिपॉजिट्स के बदले दिए गए एडवांस से सपोर्ट मिला, जो बैंक की अपनी बैलेंस शीट पर मौजूद थे। इसके अलावा, NSE में हिस्सेदारी बेचने और उसके रीइवैल्यूएशन से हुए मुनाफे का भी बैंक की नॉन-इंटरेस्ट इनकम में योगदान रहा।
Citi ने भी बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 310 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज ने बेहतर नॉन-इंटरेस्ट इनकम और शुद्ध ब्याज इनकम के अच्छे आउटलुक को देखते हुए, FY27 के लिए बैंक की कमाई के अनुमान को 12% बढ़ा दिया है। नोमुरा ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 270 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज ने FY28 के लिए प्रति शेयर आय के अनुमान को 5% बढ़ा दिया।
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