बैंकिंग शेयरों की चमक बढ़ने वाली है। दरअसल, आरबीआई के अक्टूबर में इंटरेस्ट रेट घटाने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कहा है कि आरबीआई इस फाइनेंशियल ईयर में रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कमी कर सकता है। वह अक्टूबर में इंटरेस्ट रेट घटाने की शुरुआत कर सकता है। इसका असर बैंकों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट घटने से लोन की मांग बढ़ेगी। नोमुरा ने कहा है कि रिटेल इनफ्लेशन में कमी आ रही है। जुलाई में रिटेल इनफ्लेशन घटकर 3.54 फीसदी पर आ गया। यह बीते पांच साल में सबसे कम है।
दूसरी और तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ सुस्त रह सकती है
नोमुरा (Nomura) ने कहा है कि इनफ्लेशन (Inflation) में नरमी के साथ जीडीपी की ग्रोथ में भी कमी आ रही है। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 7.8 फीसदी पर आ गई। मार्च तिमाही में यह 8.6 फीसदी थी। नोमुरा ने कहा कि सुस्ती के बावजूद जीडीपी ग्रोथ अच्छी है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि पैसेंजर कारों की बिक्री, कंपनियों की कमाई की ग्रोथ में सुस्ती और एक्सपोर्ट में कमी को देखते हुए दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार कुछ सुस्त पड़ सकती है।
FY26 में 7% से ज्यादा जीडीपी ग्रोथ की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि मानसून की बारिश अच्छी रहती है तो ग्रामीण इलाकों में डिमांड बढ़ सकती है। फिलहाल ग्रामीण इलाकों में कारोबार सुस्त है। लोगों की इनकम में भी गिरावट आ रही है। नोमुरा का कहना है कि अगर प्राइवेट कंजम्प्शन और प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर नहीं बढ़ता है तो मुश्किल आ सकती है। इकोनॉमिक ग्रोथ में सरकार के खर्च बढ़ाने का बड़ा हाथ रहा है। नोमुरा ने मध्यम अवधि में इंडिया की अच्छी ग्रोथ की संभावना जताई है। उसने कहा है कि इकोनॉमी की सेहत अच्छी है। रिफॉर्म्स की प्रक्रिया जारी रहने से जीडीपी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। यह करीब 7 फीसदी रह सकती है। FY25 में जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी और FY26 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है।
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अमेरिका में भी सितंबर में इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जुलाई में रिटेल इनफ्लेशन 4 फीसदी से नीचे आ गया है। यह इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है। इससे इंटरेस्ट रेट में कमी की संभावना बढ़ गई है। उधर, अमेरिका में भी फेडरल रिजर्व के सितंबर में इंटरेस्ट रेट घटाने की उम्मीद है। अगर फेडरल रिजर्व अगले महीने इंटरेस्ट घटाने का फैसला करता है तो इससे इंडिया में भी इंटरेस्ट रेट अक्टूबर में बढ़ने के आसार बढ़ जाएंगे। इंटरेस्ट रेट घटने से कर्ज की मांग बढ़ेगी। पहले से ही क्रेडिट ग्रोथ अच्छी है।