बाटा इंडिया में LIC ने बढ़ाई हिस्सेदारी, जानिए क्या आपके लिए भी बनते हैं निवेश के मौके

Bata India: दिसंबर 2022 तक बाटा में म्यूचुअल फंड्स की 22.24 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो फरवरी के अंत में घटकर 20.64 फीसदी रह गई। आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, कोटक एएमसी और आईडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने तीसरी तिमाही में बाटा के शेयरों की बिक्री की है

अपडेटेड Apr 04, 2023 पर 2:39 PM
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प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, दिसंबर 2022 तक बाटा में म्यूचुअल फंड्स की 22.24 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो फरवरी के अंत में घटकर 20.64 फीसदी रह गई
     
     
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    SHAILAJA MOHAPATRA

    लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन की तरफ से हिस्सेदारी बढ़ाए जाने के बाद से देश की जानीमानी फुटवियर बनाने वाली कंपनी बाटा इंडिया सुर्खियों में है। मार्च में, एलआईसी ने खुले बाजार लेनदेन के जरिए बाटा इंडिया के 6.88 लाख अतिरिक्त इक्विटी शेयर खरीदे है। इस खरीदारी के चलते बाटा इंडिया में एलआईसी की हिस्सेदारी 4.47 फीसदी से बढ़कर 5 फीसदी से थोड़ी ज्यादा हो गई है। संभवत: एलआईसी ने इस स्टॉक में बॉटम फिशिंग करने की कोशिश की है क्योंकि ये स्टॉक 1380 रुपए पर स्थित अपने 52 वीक लो के करीब दिख रहा है जो 20 मार्च 2023 को बना था।

    बॉटम की तलाश में बाटा इंडिया


    जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड चैट विज़ार्ड एफजेडई के फाउंडर और टेक्निकल एनालिस्ट मिलन वैष्णव का कहना है कि पिछले साल जुलाई और सितंबर के बीच इस स्टॉक ने 1980 रुपये के करीब तीन बार रजिस्टेंस का सामना किया। इसके बाद इसमें कंसोलीडेशन देखने को मिला। इस दौरान इस स्टॉक ने 1370-1390 रुपए के निचले स्तर को हिट किया। उसके बाद से स्टॉक अपना संभावित बॉटम तलाशने की कोशिश कर रहा है।

    पिछले एक साल में 29 फीसदी की गिरावट

    पिछले एक साल में बाटा इंडिया में 29 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 2023 में अब तक ये स्टॉक 13 फीसदी टूटा है। नवंबर 2021 में इसका ऑल टाइम हाई देखने को मिला था। तब से ये स्टॉक 2100 रुपये के स्तर से ऊपर बंद नहीं हुआ है।

    तीसरी तिमाही के नतीजे भी रहे कमजोर

    बाटा इंडिया के तीसरी तिमाही के नतीजे भी बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। हालांकि इस अवधि में कंपनी की आय में 7 फीसदी की बढ़त देखनो को मिली है। लेकिन इसकी बिक्री में 22 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले इसके मास सेगमेंट के पोर्टफोलियो पर दबाव देखने को मिला है। एक्सिस सिक्योरिटीज के प्रियम टोलिया का कहना है कि इसकी वजह काफी हद तक पिछले साल फुटवियर पर जीएसटी दर में की गई बढ़ोतरी और छोटे शहरों की मांग में सुस्ती रही है।

    जानिए क्या है एक्सपर्ट्स का नजरिया

    जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने मांग में मौजूदा कमजोरी के रुझान को ध्यान में रखते हुए स्टॉक की रेटिंग 'Buy'से घटा कर 'Accumulate'कर दी है।

    प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, दिसंबर 2022 तक बाटा में म्यूचुअल फंड्स की 22.24 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो फरवरी के अंत में घटकर 20.64 फीसदी रह गई। आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, कोटक एएमसी और आईडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने तीसरी तिमाही में बाटा के शेयरों की बिक्री की है। सितंबर 2022 के अंत में बाटा इंडिया में एफआईआई-होल्डिंग 7.87 फीसदी से घटकर दिसंबर अंत तक 4.86 फीसदी पर आ गई।

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    मिलन वैष्णव का कहना है कि निवेशक इस स्टॉक में शॉर्ट टर्म के नजरिए से खरीदारी कर सकते हैं। शॉर्ट टर्म में ये स्टॉक 1455-1530 रुपए का स्तर छू सकता है। इस खरीदारी के लिए 1,375 रुपए पर स्टॉप लॉस जरूर लगाएं।

     

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