बाजार के आगे की चाल पर बात करते हुए Elixir Equities के डायरेक्टर दीपन मेहता ने सीएनबीसी-आवाज से कहा कि ग्लोबल मार्केट का असर भारतीय बाजारों पर ज्यादा नहीं आ रहा। बाजार में लिक्विडिटी फ्लो पर नजर रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर बाजार में कितना एसआईपी बढ़ रहा है? नेट एसआईपी फ्लो कैसा है? साथ ही अन्य म्यूचुअल फंड्स द्वारा बाजार में कितना पैसा आ रहा है औऱ रिटेल निवेशको की कितनी खरीदारी हो रही है? ये सभी ऐसा पैरामीटर है बाजार में आ रहे है डिमांड को दिखाते है और फिलहाल बाजार में इसी पैरामीटर को ट्रैक करना अहम है। क्योंकि बाजार लिक्विडिटी के हिसाब से कामकाज कर रहा है। बाजार में अच्छी लिक्विडिटी होने के कारण शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि बाजार की यह तेजी स्थिर नहीं रहेगी। ऐसे में बाजार में निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए।
कंपनियों में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बिक्री पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए दीपन मेहता ने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि प्रमोटर्स शेयरों में बिकवाली क्यों कर रहे हैं? मेरा मानना है कि जिस तरह से बाजार में रोज बडे डील हो रहे है उससे संकेत मिल रहा है कि वह शेयर काफी ओवरबॉट हो गए है और इसमें करेक्शन आने के बाद एक बार फिर से निवेश किया जा सकता है।
एफएमसीजी कंपनियों से रहें दूर
एफएमसीजी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि एफएमसीजी कंपनियों के रुरल डिमांड में पिकअप देखने को मिला है लेकिन फिलहाल इस सेक्टर से मेरी निवेशकों को दूर रहने की सलाह होगी।
एग्रो केमिकल कंपनी, फर्टिलाइजर कंपनियों में करें निवेश
उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि एग्रो केमिकल कंपनी, फर्टिलाइजर कंपनियों के नतीजे शानदार रहे थे और आगे यह सेक्टर तेजी के साथ दौड़ता नजर आएगा। ऐसे में धानुका प्रेस्टिसाइड, पीआई इंडस्ट्रीज, दीपक फर्टिलाइजर, जुवारी, कोरामंडलम इंटरनेशनल जैसे स्टॉक्स में ओवरवेट रहना चाहिए। अगले 5-6 महीने इन शेयरों के लिए काफी बेहतर नजर आ रहे है। हालांकि शॉर्ट टर्म में भी ये स्टॉक तेजी दिखा सकते हैं।
वहीं रुरल डिमांड को देखें तो ट्रैक्टर सेगमेंट काफी अहम है। इस सेगमेंट में एमएंडएम काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक में भी निवेश किया जा सकता है।
आईटी कंपनियों में फिलहाल ना करें निवेश
आईटी स्टॉक्स पर बात करते हुए दीपन ने कहा कि आईटी कंपनियों को डील फ्लो काफी बढ़िया है जिस हिसाब से आईटी कंपनियों की एट्रिशन रेट कम हो रही है उसे ध्यान देने की जरुरत है। हालांकि आईटी कंपनी के जून-मार्च क्वाटर में ग्रोथ रेट में उछाल नहीं दिखा है। हो सकता है सितंबर और दिसंबर तिमाही नतीजों में इस सेक्टर की ग्रोथ रेट में इजाफा दिखे। लेकिन जब तक इस सेक्टर को लेकर सेटीमेंट बदलता नहीं है तब तक इसमें निवेश करने से बचना चाहिए।
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