Bharat Electronics share: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों पर एक्सपर्ट्स बुलिश नजर आ रहे हैं। कंपनी को आने वाले समय में बेहतर अर्निंग और मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन की उम्मीद है। बीते शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 1.74 फीसदी की तेजी देखी गई। यह स्टॉक BSE पर 277.50 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2.02 लाख करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक ने 10 जुलाई 2024 को 340.35 रुपये के अपने 52-वीक हाई को छू लिया था। इसका मतलब है कि शेयर अपने हाई से 18 फीसदी नीचे आ गया है।
Bharat Electronics का वैल्यूएशन बेहतर
मनीकंट्रोल डॉट कॉम के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जितेंद्र कुमार गुप्ता का मानना है कि करेक्शन के बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का वैल्यूएशन अब सस्ता हो गया है। एक्सपर्ट ने इस शेयर को ओवरवेट रेटिंग दी है। डिफेंसिव बिजनेस मॉडल, मजबूत अर्निंग विजिबिलिटी और मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन के साथ स्टॉक ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है। FY26 की अनुमानित अर्निंग के 36 गुना पर ट्रेड करते हुए यह वैल्यूएशन सस्टेनेबल लगता है, क्योंकि इसमें स्टेबिलिटी और ग्रोथ दोनों प्रोवाइड करने की क्षमता है। इसके अलावा, 1.5 फीसदी डिविडेंड यील्ड के साथ यह प्राइवेट डिफेंस पियर्स की तुलना में अट्रैक्टिव बना हुआ है, जो बहुत अधिक वैल्यूएशन पर ट्रेड करते हैं।
एग्जीक्यूशन में सुधार और मजबूत ऑर्डर
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स की एग्जीक्यूशन क्षमता में सुधार हो रहा है। Q1FY25 में इसने 20.1 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की। ग्लोबल सप्लाई-चेन में दिक्कतें कम हुई, जिसने अहम भूमिका निभाई है। इसकी फ्लैगशिप LRSM (लॉन्ग-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) ऑर्डर ने अकेले तिमाही के दौरान 842 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। मजबूत ग्रोथ एग्जीक्यूशन, कॉस्ट प्रेशर में कमी और बल्क रेवेन्यू बुकिंग के चलते EBITDA में 41 फीसदी की वृद्धि हुई। तिमाही के दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 18.4 फीसदी के मुकाबले 22.8 फीसदी रहा।
इसके अलावा, पहली तिमाही में मजबूत इनफ्लो देखा गया, जिसके चलते ऑर्डर बुक अब लगभग 76000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है और अगले तीन वर्षों के लिए ठोस रेवेन्यू विजिबिलिटी सुनिश्चित हुई है। FY24 में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने 35000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए, जो इसके शुरुआती 20000 करोड़ रुपये के गाइडेंस से अधिक है।
क्षमताओं में विस्तार कर रही है Bharat Electronics
चालू वित्त वर्ष में कंपनी को पोटेंशियल QRSM (क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल) ऑर्डर को छोड़कर लगभग 25000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। बढ़ते ऑर्डर और एग्जीक्यूशन के साथ कंपनी अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है। इसका लाभ 1-2 वर्षों में दिखाई देगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने क्षमता बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 25 के लिए करीब 800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें चार नई फैसिलिटी अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। इनमें से एक फैसिलिटी इस साल चालू हो जाएगी, जबकि शेष तीन अगले वित्त वर्ष में चालू हो जाएंगी।
Bharat Electronics का अर्निंग आउटलुक
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने चालू वित्त वर्ष में 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य कंपनी के मौजूदा ऑर्डरों और निर्यात में वृद्धि की दिशा में रणनीतिक बदलाव के कारण है। कंपनी धीरे-धीरे अपनी एक्सपर्टाइज और क्षमताओं का लाभ उठा रही है और विकास के लिए इंटरनेशनल मार्केट पर नजर रख रही है।
इसके अलावा, कंपनी की आय की संभावना अच्छी है। वित्त वर्ष 2025 में EBITDA मार्जिन 23-25 फीसदी की रेंज में अनुमानित है। यह पॉजिटिव आउटलुक अधिक फेवरेबल रेवेन्यू मिक्स और लागत कम करने के चल रहे प्रयासों के कारण है। कुल मिलाकर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स अपने डफेंसिव बिजनेस मॉडल, मजबूत अर्निंग विजिबिलिटी और मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन को देखते हुए अच्छी स्थिति में है। इसके अलावा, हाल ही में स्टॉक में करेक्शन ने इसके वैल्यूएशन को बेहतर कर दिया है।
(जितेंद्र कुमार गुप्ता, सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, मनीकंट्रोल डॉट कॉम)