भेल के शेयरों में 4 नवंबर को बाजार खुलते ही पंख लग गए। इसकी वजह कपनी को अदाणी पावर से मिला बड़ा ऑर्डर है। भेल को 20,000 से 28,000 करोड़ रुपये तक के ऑर्डर मिले हैं। इस खबर से भेल का शेयर बाजार खुलते ही भागने लगा। एक समय यह 6 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 11:45 बजे शेयर 5.53 फीसदी के उछाल के साथ 422.20 रुपये पर चल रहा था।
भेल को चार प्रोजेक्ट के लिए इक्विपमेंट की सप्लाई करनी है
भेल का पूरा नाम भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) है। यह सरकार की कंपनी है। कंपनी ने 4 नवंबर यानी बुधवार को स्टॉक एक्सचेंजों को नए ऑर्डर की जानकारी दी। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत BHEL को चार प्रोजेक्ट्स के लिए बॉयलर, टर्बाइन और जनरेटर के साथ उनसे जुड़े सहायक उपकरणों की सप्लाई करनी है। इसके अलावा कंपनी को तय सेवाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। प्रत्येक प्रोजेक्ट की क्षमता 2x800 मेगावाट होगी।
कंपनी की ऑर्डर बुक सितंबर में 2.57 लाख करोड़ के पार
भेल की ऑर्डर बुक 30 सितंबर, 2026 को 2,57,571 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में करीब ₹30,000 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। हालांकि, दूसरी तिमाही में कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो में गिरावट देखने को मिली है। इस वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी को करीब ₹4,000 करोड़ के नए ऑर्डर मिले। इसकी तुलना में पहली यानी जून तिमाही में ऑर्डर इनफ्लो ₹26,700 करोड़ रुपये का था। FY26 की मार्च तिमाही में यह ₹30,000 करोड़ का था। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही यानी Q2FY26 में कंपनी को ₹21,900 करोड़ के ऑर्डर मिले थे। वहीं, Q1FY26 में यह आंकड़ा ₹10,500 करोड़ था।
सितंबर तिमाही में भेल का ज्यादातर मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन
कंपनी का सितंबर तिमाही में प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA दोनों में अच्छी ग्रोथ दिखी। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 23.81 फीसदी बढ़कर ₹9,300 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹7,511.8 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का EBITDA 76.4 फीसदी उछलकर ₹1,025.8 करोड़ पर पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹581.46 करोड़ था। कंपनी ने दूसरी तिमाही में रेवेन्यू और ऑपरेटिंग मुनाफे के मोर्चे पर भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
इस साल 45 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है भेल का शेयर
सितंबर तिमाही में बेहतर नतीजों से ब्रोकरेज फर्म IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अगल दो सालों के लिए कंपनी की अर्निंग्स के अनुमान को 20 से 25 फीसदी तक बढ़ा दिया है। IIFL Institutional Equities की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रेणु बैद पुगलिया ने सीएनबीसी-टीवी18 को पिछले महीने बताया था कि कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। भेल का शेयर बीते एक साल में 58 फीसदी और इस साल 45 फीसदी चढ़ा है।
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