Borosil Renewables share Price: बोरोसिल रिन्यूएबल्स के शेयरों में 3 जून को पंख लग गए। शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद यह शेयर करीब 9 फीसदी उछल गया। इसकी वजह सरकार का एक फैसला है। सरकार ने घरेलू इंडस्ट्री के हित में मलेशिया से सोलर ग्लास के आयात पर अंकुश लगाने के लिए नए कदम कदम उठाए हैं।
सरकार के फैसले से 9 फीसदी तक उछला शेयर
Borosil Renewables का शेयर 1:30 बजे 8.39 फीसदी चढ़कर 543 रुपये पर चल रहा था। यह करीब दो महीनों में शेयर में आया सबसे बड़ा उछाल है। वित्त मंत्रालय ने मलेशिया से टेक्सचर्ड टेंपर्ड ग्लास के इंपोर्ट पर काउंटरवेलिंग ड्यूटीज पांच साल बढ़ाने का ऐलान किया। इसके बाद शेयर रॉकेट बन गया। टेक्सचर्ड टेंपर्ड ग्लास को आम तौर पर सोलर ग्लास कहा जाता है।
देश में सोलर पैनल की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर फोकस
वित्त मंत्रालय के ऐलान के मुताबिक, यह ड्यूटी कॉस्ट, इंश्योरेंस और फ्रेट (CIF) सहित इंपोर्ट की वैल्यू के 9.71 से 10.14 फीसदी के बीच होगी। सरकार ने कहा है कि उसका मानना है कि काउंटरवेलिंग ड्यूटी खत्म होने से सब्सिडी वाले इंपोर्ट से घरेलू इंडस्ट्री को नुकसान पहुंच सकता है। सरकार का फोकस देश में ही सोलर पावर से जुड़े इक्विपमेंट की मैन्युफैक्चरिंग पर है। इससे आयात पर निर्भरता घटेगी।
सरकार के फैसले से सोलर पैनल कंपनियां निवेश बढ़ाएंगी
सरकार पहले से ही देश में सोलर मॉड्यूल के प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटीज और नॉन-टैरिफ उपाय कर चुकी है। सोलर सेल्स के लिए भी ऐसे उपाय इस महीने से लागू हो चुके हैं। सोलर ग्लास की मैन्युफैक्चरिंग के लिए काफी पूंजी की जरूरत पड़ती है। ब्लूमबर्ग ने बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका को उद्धृत करते हुए लिखा था, "सोलर ग्लास एक कैपिटल इनटेंसिव इंडस्ट्री है और इस फैसले से इंडस्ट्री क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश जारी रखेगी।"
अभी सोलर कंपनियों की निर्भरता आयात पर
भारतीय कंपनियां अगर सोलर ग्लास की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश बढ़ाती हैं तो इससे इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी। अभी सोलर इंडस्ट्री को इंपोर्ट पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक, देश में रोजाना अभी 2,500 टन सोलर ग्लास का उत्पादन होता है, जबकि इसका रोजाना करीब 7000 टन का इंपोर्ट होता है।
बोरोसिल रिन्यूएबल्स की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी
बोरोसिल रिन्यूएबल्स के गुजरात स्थित प्लांट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी रोजाना 1,000 टन की है। कंपनी इस साल के अंत तक अपनी उत्पादन क्षमता और 600 टन बढ़ाना चाहती है। इस साल 30 मार्च को बोरोसिल का शेयर गिरकर 377 रुपये पर आ गया था। बीते एक साल में यह 1 फीसदी गिरा है।