स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी पर बड़ा बयान दिया है। मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि एसबीआई का मानना है कि इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए। एसबीआई की यह राय मार्केट के कई सेक्शंस की राय से मिलती है। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक 3 जून को शुरू हो गई। इसके नतीजे 5 जून को आएंगे।
इकोनॉमी की ग्रोथ 6.6 फीसदी रह सकती है
शेट्टी ने कहा कि इकोनॉमी में ग्रोथ और इनफ्लेशन की स्थिति को देखते हुए इंटरेस्ट रेट को मौजूदा स्तर पर बनाए रखना सही होगा। उन्होंने कहा, "आरबीआई ने 6.9 फीसदी ग्रोथ का अनुमान जताया है। लेकिन, एसबीआई के अपने एसेसमेंट के हिसाब से ग्रोथ 6.6 फीसदी रह सकती है। इनफ्लेशन 4.6 से 4.7 फीसदी रह सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि अभी इंटरेस्ट रेट को लेकर किसी तरह का फैसला नहीं लेना ठीक रहेगा।"
डिपॉजिट पर अभी रेपो रेट में बदलाव का पूरा असर नहीं
एसबीआई चेयरमैन का हालांकि यह मानना है कि आगे रेपो रेट बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो बैंकों के लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो सकती है, क्योंकि डिपॉजिट पर रेपो रेट में बदलाव का पूरा असर अभी नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि लोन पर रेपो रेट में बदलाव का असर पड़ चुका है, लेकिन डिपॉजिट पर अभी इसका पूरा असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, "इसका मतलब है कि डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की गुंजाइश तब तक नहीं रहेगी, जब तक आप मार्जिन से समझौता करने के लिए तैयार न हों।"
रेपो रेट में इजाफा से बॉन्ड यील्ड तुरंत बढ़ जाएगी
शेट्टी का मानना है कि रेपो रेट बढ़ने पर डिपॉजिटर्स का ज्यादा इंटरेस्ट रेट की उम्मीद करना सही है, क्योंकि इससे लोन लेना भी महंगा हो जाएगा। उनका मानना है कि अगर रेपो रेट बढ़ाया जाता है तो इससे यील्ड तुरंत बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि चैलेंज डिपॉजिट को लेकर बना हुआ है। बैंक बीते करीब तीन सालों से इस चैलेंज का सामना कर रहे हैं।
पहली तिमाही में क्रेडिट ग्रोथ काफी स्ट्रॉन्ग
उन्होंने कहा, "आश्चर्य की बात है कि क्रेडिट ग्रोथ काफी स्ट्रॉन्ग है, क्योंक आम तौर पर वित्त वर्ष की पहली तिमाही बैंकों के लिए सुस्त रहती है।" उन्होंने बैंकों की 13-15 फीसदी क्रेडिट ग्रोथ और 10-11 फीसदी की डिपॉजिट ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद जताई। हालांकि, अगर क्रेडिट ग्रोथ मौजूदा लेवल से ज्यादा रहता है तो बैंकों को डिपॉजिट के मामले में दबाव का सामना करना पड़ सकता है। खासकर तब जब रेपो रेट बढ़ता है।
5 जून को आएगी आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 जून यानी शुक्रवार को सुबह 10 बजे मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेंगे। यह पॉलिसी ऐसे वक्त आ रही है, जब क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। क्रूड की कीमतों में उछाल की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई हैं। एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की कीमतें भी बढ़ी हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। आरबीआई इनफ्लेशन को काबू में रखने की कोशिश करेगा।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।