बंद हो गई Brightcom Group के शेयरों की ट्रेडिंग, समझें क्या है इसका मतलब?

Brightcom Group News: ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों का लेन-देन अब बंद हो गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इसके शेयरों की ट्रेडिंग को सस्पेंड कर दिया है। यह सस्पेंशन तब तक बना रहेगा, जब तक कि कंपनी एनएसई के मास्टर सर्कुलर के हिसाब से काम नहीं करती है। इसकी ट्रेडिंग सस्पेंड होगी, यह ऐलान पिछले महीने 15 मई को हो गया था

अपडेटेड Jun 16, 2024 पर 12:33 PM
15 मई को ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों की ट्रेडिंग बंद करने का ऐलान हो गया था। अब आज इसके शेयरों की ट्रेडिंग बंद हो गई।

Brightcom Group News: ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों का लेन-देन अब बंद हो गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इसके शेयरों की ट्रेडिंग को सस्पेंड कर दिया है। यह सस्पेंशन तब तक बना रहेगा, जब तक कि कंपनी एनएसई के मास्टर सर्कुलर के हिसाब से काम नहीं करती है। इसकी ट्रेडिंग सस्पेंड होगी, यह ऐलान पिछले महीने 15 मई को हो गया था। एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जून तक इसके शेयरों की ट्रेडिंग एक्टिव थी और बीएसई पर यह 4.93 फीसदी की गिरावट के साथ 9.45 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। पिछले साल 22 जून 2023 को यह एक साल के हाई 36.82 रुपये और पिछले महीने 24 मई 2024 को यह एक साल के निचले स्तर 8.59 रुपये पर था।

क्यों बंद हुई Brightcom Group की ट्रेडिंग बंद

15 मई को ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों की ट्रेडिंग बंद करने का ऐलान हो गया था। इसके एक दिन बाद कंपनी ने एक्सचेंजों को बताया कि ऐसी नौबत नहीं आने दी जाएगी और 11 जून तक यह वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी (जुलाई-सितंबर 2023) और तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2023) के नतीजे घोषित कर देगी। हालांकि 11 जून को कंपनी ने पूरे नतीजे नहीं जारी किए। हालांकि इसने सितंबर तिमाही के नतीजे तो पेश कर दिए लेकिन दिसंबर 2023 तिमाही के नतीजे ने तो जारी किए और न ही बताया कि यह कब तक आएगा। इसी वजह से ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों की ट्रेडिंग सस्पेंड हो गई है।


शेयरहोल्डर्स के लिए अब आगे क्या?

मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से ब्राइटकॉम ग्रुप में 2 लाख रुपये के कम के निवेश वाले 6.56 लाख शेयरहोल्डर्स हैं। अब ट्रेडिंग सस्पेंड हुई है तो 15 दिनों तक शेयरहोल्डर्स न तो शेयर बेच पाएंगे और न ही नए शेयर खरीद पाएंगे। इसके बाद भी ट्रेडिंग सामान्य नहीं होगी बल्कि जेड कैटेगरी में ट्रेड-फॉर-ट्रेड बेसिस पर होगा। इसके तहत अगले छह महीने तक हर हफ्ते के पहले कारोबारी दिन ही ट्रेडिंग हो पाएगी। जेड कैटेगरी के शेयर वे होते हैं, जो एक्सचेंजों की लिस्टिंग से जुड़े नियमों को पूरा नहीं करते हैं और निवेशकों की शिकायतों का निपटारा नहीं करते हैं या दोनों डिपॉजिटरीज के पास जरूरी व्यवस्था नहीं करते हैं। वहीं ट्रेड-फॉर-ट्रेड कैटेगरी की बात करें तो इसके तहत आने वाले शेयरों की सिर्फ डिलीवरी वाली ट्रेडिंग ही हो सकती है और इंट्रा-डे ट्रेडिंग नहीं हो सकती है।

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