Britannia Share: CEO ने जताई दो और तिमाहियों में परेशानी की आशंका, लुढ़के शेयर

Britannia बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रही है, जिसके कारण उसे बिस्कुट, रस्क और केक जैसी प्रमुख कैटेगरी में कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। बढ़ती इनपुट कॉस्ट को मैनेज करने के लिए जनवरी-मार्च तिमाही में और बढ़ोतरी की योजना बनाई गई है

अपडेटेड Dec 12, 2024 पर 2:57 PM
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Britannia : FMCG सेक्टर की कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयरों में आज 12 दिसंबर को बिकवाली हो रही है

Britannia Share: FMCG सेक्टर की कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयरों में आज 12 दिसंबर को बिकवाली हो रही है। इस समय यह स्टॉक BSE पर 1.32 फीसदी की गिरावट के साथ 4826 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। दरअसल, CII FMCG समिट में कंपनी के CEO रजनीत कोहली ने दो और तिमाहियों में परेशानी जारी रहने की आशंका जताई है। CEO के बयान के बाद स्टॉक को लेकर निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है। आज की गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1.16 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 6473.10 रुपये और 52-वीक लो 4643.30 रुपये है।

Britannia के CEO का बयान

CEO रजनीत कोहली ने कहा, "मुद्रास्फीति इंडस्ट्री पर भारी पड़ रही है, हम ग्रामीण मांग में सुधार देख रहे हैं, लेकिन शहरी विकास धीमा हो गया है, और यह ट्रेंड एक या दो तिमाहियों तक जारी रहने की संभावना है।" कंपनी के शेयरों में आज की गिरावट FMCG सेक्टर में मुद्रास्फीति के दबाव और असमान मांग के ट्रेंड को लेकर चल रही चिंताओं को दिखाता है।


क्या है Britannia का प्लान

ब्रिटानिया बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रही है, जिसके कारण उसे बिस्कुट, रस्क और केक जैसी प्रमुख कैटेगरी में कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। बढ़ती इनपुट कॉस्ट को मैनेज करने के लिए जनवरी-मार्च तिमाही में और बढ़ोतरी की योजना बनाई गई है। कोहली ने कहा कि कंपनी कंज्यूमर्स पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

ब्रिटानिया का शेयर अक्टूबर 2024 के अपने हाई ₹6470 से लगभग 27 फीसदी गिर चुका है, जो निवेशकों की मौजूदा चिंताओं को दिखाता है। यह 20-डे और 200-डे मीट्रिक सहित सभी प्रमुख डेली मूविंग एवरेज से भी नीचे आ गया है।

ब्रिटानिया ने सितंबर तिमाही मे अनुमान से कम, 5 फीसदी सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जबकि वॉल्यूम में 8% की वृद्धि हुई। हालांकि, EBITDA मार्जिन में 290 बेसिस प्वाइंट की तेज गिरावट आई और यह 16.8 फीसदी हो गया। कमोडिटी दबाव ने मार्जिन पर भारी असर डाला। 40% आयात शुल्क और प्रमुख उत्पादक देशों में सप्लाई चुनौतियों के कारण पाम ऑयल की कीमतों में तिमाही आधार पर 45% की बढ़ोतरी हुई।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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