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इंडिया पर Morgan Stanley अंडरवेट लेकिन भारत के फाइनेंशियल सेक्टर पर बुलिश, जानिए क्या है वजह

मॉर्गन स्टेनली भारत के लॉन्ग टर्म संभावनाओं को लेकर बुलिश बना हुआ है। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि लंबी अवधि के नजरिए से भारतीय बाजार में कमाई होने की अच्छी संभावना है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 08, 2022 पर 8:27 PM
इंडिया पर Morgan Stanley अंडरवेट लेकिन भारत के फाइनेंशियल सेक्टर पर बुलिश, जानिए क्या है वजह
इस साल निफ्टी में अब तक सिर्फ 1.7 फीसदी की गिरावट आई है जबकि MSCI EM index 35 फीसदी टूटा है

इस बार उभरते बाजारों ( emerging markets)और एशिया प्रशांत क्षेत्र के इक्विटी बाजारों (Asia Pacific equities)के लिए मंदी का दौर काफी लंबा रहा है। जोनाथन गार्नर (Jonathan Garner)के साथ मिलकर लिखी गई मॉर्गन स्टेनली की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, उभरते बाजार (EM)पहली बार फरवरी 2021 में मुश्किल में पड़ते नजर आए। इसका मतलब यह है कि हम 600 दिनों से मंदी के बाजार में हैं। आम तौर पर किसी बियर मार्केट की अवधि 289 दिनों की होती है। मॉर्गन स्टैनली की इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पीक से बॉटम का माइनस 40 फीसदी का मूव भी औसत से ज्यादा है। 2021 के डॉटकॉम संकट के दौरान पीक से बॉटम हासिल करने में 589 दिन लगा था जबकि इस बार इसमें 590 दिन लगे हैं।

दिख रही उम्मीद की किरण

लेकिन मॉर्गन स्टेनली का यह भी मानना है कि अब सुरंग के अंतिम छोर से उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। अब इमर्जिंग और तमाम एशियाई बाजार मंदी के अंतिम दौर में नजर आ रहे हैं। जल्द ही हमें बियर मार्केट का साइकिल पूरा होता नजर आएगा। मॉर्गन स्टैनली ने अपनी इस रिपोर्ट में प्रतिकात्मक भाषा का उपयोग करते हुए कहा है कि काफी बड़े जंगल की कटाई हो चुकी है। अब हमें अगले चक्र के लिए नए पौधे रोपने की तैयारी करनी चाहिए।

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