पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी अब 80.82 पर्सेंट से घटकर 73.82 पर्सेंट हो गई है। इस तरह, कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग कम से कम 75 पर्सेट होने की शर्त अब पूरी हो रही है। इसके बाद कंपनी के शेयरों में तेजी है। ऐसे में सवाल यह है कि निवेशकों को क्या करना चाहिए। इस पर अलग-अलग ब्रोकर्स ने अपनी राय दी है। हम यहां आपको उन सुझावों को पेश कर रहे हैं।
जीसीएल ब्रोकिंग (GCL Broking) में रिसर्च एनालिस्ट वैभव कौशिक ने बताया, 'अगर हम पतंजिल की समकक्ष कंपनियों के लिहाज से बात करें, तो इसकी वैल्यू अब भी कंफर्ट जोन में है। हमने कंपनी के शेयरों के लिए दिवाली तक 1,670 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।'
चार्ट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पतंजलि का शेयर फिलहाल रेजिस्टेंस एरिया में है, लिहाजा मामूली तेजी के बाद कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। Hedged के राहुल कुमार घोष ने बताया, 'फंडामेंटल्स के नजरिये से देखा जाए, तो हाई वैल्यूएशन की वजह से स्टॉक ज्यादा आकर्षक नहीं जान पड़ते। अगर शेयर 1,250 रुपये से ज्यादा पर बंद होता है, तो इसका मतलब है कि नियर-टर्म रेजिस्टेंस खत्म हो गया है।'
चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 18.2% सालाना बढ़ोतरी के साथ 349.4 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7,872.9 करोड़ रुपये था। प्रॉफिट में बढ़ोतरी में कंपनी के फूड और एफएमसीजी सेगमेंट का अहम योगदान रहा। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 11 पर्सेंट है, जबकि रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (ROCE) 13.4 पर्सेंट है। पतंजिल फूड्स का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 7.2 पर्सेंट है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.2 है।
ब्रोकरेज फर्म हेम सिक्योरिटीज ( Hem Securities) में पीएमएस हेड मोहित निगम ने बताया, ' पाम ऑयल की कीमतों में गिरावट की वजह से हमें फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी के बेहतर नतीजों की उम्मीद है। कंपनी ने अगले 5 साल के लिए 5,000 करोड़ के ऑपरेशनल प्रॉफिट और 50,000 करोड़ से भी ज्यादा के टर्नओवर का लक्ष्य तय किया है। कंपनी को एफएमसीजी बिजनेस और पाम के प्लांटेशन में जबरदस्त संभावना नजर आ रही है।'
(डिस्क्लेमर : मनीकंट्रोल डॉट कॉम पर दी गई सलाह एक्सपर्ट्स की अपनी राय होती है। यह वेबसाइट या इसका मैनेजमेंट इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। रीडर्स को इनवेस्टमेंट से जुड़ा कोई फैसला अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर से बातचीत के बाद लेना चाहिए।)