Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 156 फीसदी बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 325 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 17 जुलाई को कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।
कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 227 फीसदी बढ़ा
Jio Financial Services का ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में 227 फीसदी बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 612 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 205 फीसदी बढ़कर 272 करोड़ रुपये रहा।
कुल इनकम में 141 फीसदी इजाफा
जून तिमाही में ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज में तेज उछाल के बावजूद कंपनी की कुल इनकम साल दर साल आधार पर 141 फीसदी बढ़कर 1,496 करोड़ रुपये रही। इसमें इंटरेस्ट इनकम में उछाल का बड़ा हाथ रहा। इस दौरान इंटरेस्ट इनकम 165 फीसदी बढ़कर 962 करोड़ रुपये हो गई। फीस और कमीशन से इनकम बढ़कर पांच गुना यानी 325 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की डिविडेंड इनकम जून तिमाही में 509 करोड़ रुपये रही।
कुल एक्सपेंसेज 291 फीसदी बढ़ा
जियो फाइनेंशियल का कुल एक्सपेंसेज जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 291 फीसदी बढ़कर 991 करोड़ रुपये रहा। इसमें ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट, स्टाफ एक्सपेंसेज और दूसरे ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज का हाथ रहा। लेकिन, इनकम में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ से प्री-प्रोविजनिंग प्रॉफिट (PPOP) साल दर साल आधार पर 38 फीसदी बढ़कर 505 करोड़ रुपये रहा।
सभी वर्टिकल्स में अच्छी ग्रोथ
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ हितेश सेठिया ने कहा, "हमारी सभी वर्टिकल्स में लगातार बिजनेस मोमेंटम से हमारे फुल-स्टॉक ईकोसिस्टम के स्ट्रॉन्ग आर्किटेक्चर की पुष्टि होती है। इससे हमारे एग्जिक्यूशन की ताकत का भी संकेत मिलता है। स्ट्रेटेजिक रूप से AI और डेटा एनालिटिक्स को इंटिग्रेट करने से हमें एफिशियंसी के मामले में काफी फायदा हुआ है।"
एनबीएफसी बिजनेस का भी बेहतर प्रदर्शन
जियो फाइनेंशियल ने इनवेस्टर प्रजेंटेशन में बताया कि उसके एनबीएफसी बिजनेस ने लगातार अच्छी ऑर्गेनिक ग्रोथ दिखाई है। तिमाही डिस्बर्समेंट 11,000 करोड़ रुपये के पार हो गया। कंपनी के एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का एयूएम जून तिमाही के अंत में 18,412 करोड़ रुपये पहुंच गया। रीइंश्योरेंस प्रीमियम अंडररिटेन ऑपरेशन की पहली तिमाही में 266 करोड़ रुपये रहा।