बजट के पहले आज बाजार में शॉर्ट कवरिंग के चलते सेंसेक्स में करीब 1000 अंकों का उछाल

सरकार द्वारा 2022-23 में इकोनॉमिक ग्रोथ 8.0-8.5 प्रतिशत तक कम करने का सुझाव देने के बावजूद ये तेजी नजर आई

अपडेटेड Jan 31, 2022 पर 2:31 PM
ग्लोबल मार्केट में रिलीफ रैली के चलते भी भारतीय बाजार चहक रहे हैं

बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी50 और बीएसई सेंसेक्स 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होने से पहले आज यानी 31 जनवरी को शॉर्ट-कवरिंग के चलते तेजी से बढ़े। आज दोपहर के दौरान निफ्टी 279 अंक या 1.6 प्रतिशत बढ़कर 17,381.5 पर कारोबार कर रहा था, जबकि बीएसई-सेंसेक्स 1.7 प्रतिशत या 963 अंक ऊपर 58,169.4 पर कारोबार कर रहा था। सरकार ने इकोनॉमिक ग्रोथ को 2021-22 में अपेक्षित 9.2 प्रतिशत से 2022-23 में 8.0-8.5 प्रतिशत तक कम करने का सुझाव देने के बावजूद बाजार में बढ़त देखने को मिली।

एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक बाजार में खरीदारी उन ट्रेडर्स द्वारा नजर आई जिन्होंने निफ्टी में फरवरी डेरिवेटिव सीरीज में बड़े शॉर्ट पोजीशन पर रोल्ड ओवर किया था। निफ्टी के फरवरी के कॉन्ट्रेक्ट में ओपन इंटरेस्ट आठ प्रतिशत घटकर 97.5 लाख हो गया।

बजट से पहले, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने निफ्टी के फरवरी वायदा पर 50,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट की शुद्ध शॉर्ट पोजीशन ली थी, जो 2022 में अमेरिका में ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की आशंकाओं के बीच उनकी निराशा को दर्शाता है।


पिछले दो हफ्तों में बिकवाली के बाद अब फोकस बजट की तरफ हो गया है। बाजार को उम्मीद है कि सरकार कैपेक्स को बढ़ावा देगी और कंजम्पशन इकोनॉमी को सहायता प्रदान करेगी।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि 2022-23 के लिए पूंजीगत या निवेश व्यय (capital expenditure) पर खर्च 20 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा क्योंकि सरकार निवेश-संचालित आर्थिक सुधार करना चाहती है। अर्थशास्त्रियों को भी महामारी के कारण सबसे कम आय वाले उपभोक्ताओं की जेब पर तनाव को कम करने के लिए कुछ उपाय किये जाने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज फर्म एडलवाइस सिक्योरिटीज (Edelweiss Securities) ने एक नोट में कहा, "बजट को विकास और स्थिरता दोनों उद्देश्यों को संतुलित करना चाहिए: असमान रिकवरी निरंतर पॉलिसी सपोर्ट की मांग करती है, जबकि व्यापक ट्रेड घाटा और फेड के संभावित सख्त वारंट वित्तीय सावधानी की मांग करते हैं।"

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इस साथ ही वैश्विक इक्विटी बाजारों में इसी तरह की रिलीफ रैली से बाजार में तेजी आई है। 28 जनवरी को अमेरिकी शेयर सूचकांकों में तेज बढ़त को ट्रैक करते हुए एशियाई शेयर भी तेजी में दिखे। वैश्विक अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थितियों को मजबूत करने की चिंताओं को देखते हुए इस बढ़त को अभी पक्का नहीं माना जा रहा है।

डीलरों ने कहा कि वोलाटिलिटी गेज इंडिया VIX ने 31 जनवरी को 6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21.93 प्वाइंट हो गया, जो बाजार में ट्रेड लेनेवालों के बीच अनिश्चितता के स्तर को दर्शाता है। ये लोग निफ्टी के पुट ऑप्शन की लैपिंग करते हुए बाजार में किसी भी तेज गिरावट के लिए अपने जोखिम को कम कर रहे हैं।

कैपिटलविया ग्लोबल रिसर्च (Capitalvia Global Research) के गौरव गर्ग ने टेक्निकल साइड पर कहा कि 17,000 अंक का स्तर बाजार में एक महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर हो सकता है। उन्होंने कहा, "अगर बाजार 17,300 के ऊपर बना रहता है, तो हम बाजार के 17,000-17,500 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद कर सकते हैं।"

(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )

 

 

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