IT सेक्टर को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज हाउस जेपी मॉर्गन ने सतर्क नजरिया अपनाया है। ब्रोकर ने कहा हहली तिमाही और अगली छमाही में तकरीबन सभी कंपनियों के नतीजे निराश करेंगे। जेपी मॉर्गन ने आईटी सेक्टर से Infosys, TCS, Mphasis को निगेटिव वॉच लिस्ट में डाला। जबकि परसिस्टेंट पर ब्रोकरेज फर्म ने रेटिंग को डाउनग्रेड किया है। इस पर इनकी अंडरवेट रेटिंग की सलाह है। वहीं आज ब्रोकरेज फर्मों की लिस्ट में इंडिगो और एसबीआई कार्ड्स जैसे शेयरों को भी जगह मिली है। इंडिगो पर गोल्डमैन सैक्स ने बुलिश नजरिया अपनाया है। जबकि एसबीआई कार्ड्स पर जेफरीज ने खरीदारी की राय दी है।
जेपी मॉर्गन ने IT सेक्टर को लेकर सतर्क नजरिया दिया है। उनका कहना है कि पहली तिमाही में IT कंपनियों के नतीजे निराश कर सकते हैं। वहीं अगली छमाही में भी IT कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कम रहेंगे। इन्होंने इंफोसिस (Infosys), टीसीएस (TCS) और एमफैसिस (Mphasis) के स्टॉक्स को निगेटिव वॉच लिस्ट में डाला है। IT सर्विसेस पर इनका निगेटिव नजरिया बरकरार है।
जेपी मॉर्गन ने परसिस्टेंट सिस्टम्स पर रेटिंग को डाउनग्रेड करके अंडरवेट रेटिंग दी है। इन्होंने इसके शेयर का लक्ष्य 4100 रुपये प्रति शेयर तय किया है। उनका कहना है कि FY24-26 के दौरान कंपनी के मुनाफे में 3/4% की कमी की आशंका है। EPAM ने CY23 का ग्रोथ गाइडेंस +3% से घटाकर -2% किया है। डिस्क्रिशनरी डिजिटल इंफ्रा पर घटने से EPAM ने ग्रोथ गाइडेंस घटाया है। डिस्क्रिशनरी डिजिटल इंफ्रा में कंपनी का एक्सपोजर ज्यादा नजर आया है। ग्रोथ में सुस्ती के मद्देनजर शेयर का वैल्युएशन महंगा दिखाई दे रहा है।
गोल्डमैन सैक्स की इंडिगो पर खरीदारी की राय है। उन्होंने इसके शेयर का लक्ष्य 2730 रुपये प्रति शेयर तय किया है। मजबूत आवाजाही, ज्यादा मार्केट शेयर और ईंधन की लागत कम होने से कंपनी को फायदा होगा। यहां से यील्ड सामान्य होने की संभावना है। पहली तिमाही में टिकट किराए में आया अचानक उछाल गो एयर ग्राउंडिंग के कारण हुआ थ। कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ेगा।
जेफरीज ने एसबीआई कार्ड्स पर खरीदारी की रेटिंग दी है। शेयर का लक्ष्य 1100 रुपये प्रति शेयर तय किया है। उनका कहना है कि UPI में मजबूत ट्रैक्शन के बावजूद इंडस्ट्री के कार्ड खर्च में अच्छी वृद्धि हुई है। खर्च वृद्धि मजबूत बनी हुई है। दरों में बढ़ोतरी के साथ NIMs में दिक्कत दिख सकती है। वित्त वर्ष 23-26 में मुनाफा 26% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है। RoE भी FY24 में विस्तार करता दिख सकता है।