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BSE और CDSL समेत ये शेयर धड़ाम, SEBI के इस प्रस्ताव पर बढ़ी बिकवाली

बाजार नियामक सेबी (SEBI) कुछ ऐसे विकल्पों पर गौर कर रहा है जिसने कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों की चिंता बढ़ा दी। इस वजह से बीएसई (BSE), एंजेल वन (Angel One), सीडीएसएल (CDSL) जैसे कैपिटल मार्केट स्टॉक्स 3% तक टूट गए। जानिए सेबी किन विकल्पों पर गौर कर रहा है जिसके चलते कैपिटल मार्केट कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 05, 2025 पर 2:12 PM
BSE और CDSL समेत ये शेयर धड़ाम, SEBI के इस प्रस्ताव पर बढ़ी बिकवाली
बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग पर लगाम कसने के लिए वीकली एक्सपायरी पर रोक लगाने का विचार कर रहा है। इसने कैपिटल मार्केट से जुड़े स्टॉक्स को करारा झटका दे दिया।

बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग पर लगाम कसने के लिए वीकली एक्सपायरी पर रोक लगाने का विचार कर रहा है। इसने कैपिटल मार्केट से जुड़े स्टॉक्स को करारा झटका दे दिया। सेबी के कंसल्टेशन पेपर पर निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में सबसे अधिक बीएसई (BSE) का शेयर झुलसा है जोकि 3% से अधिक टूट गया। बाकी भी कैपिटल मार्केट स्टॉक्स की स्थिति अच्छी नहीं है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के शेयर भी 1-1% के करीब टूट गए तो एंजेल वन (Angel One) के शेयर करीब आधा फीसदी फिसल गया।

क्या है SEBI के कंसल्टेशन पेपर में?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑप्शन ट्रेडिंग पर लगाम लगाने के लिए सेबी एक पेपर जारी करने वाला है। इसे लेकर सेबी के अधिकारियों के साथ एक बैठक में वित्त मंत्रालय ने कहा कि वीकली एक्सपायरीज सिर्फ अटकलों को बढ़ावा दे रही है और देश की अर्थव्यवस्था में कोई योगदान नहीं कर रही है। इसके तहत सेबी कई विकल्पों पर गौर कर रहा है जिसके तहत वीकली एक्सपायरीज को घटाकर या तो द्विमासिक या मंथली करने का विकल्प है। इसके अलावा सेबी ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए मार्जिन की जरूरतों को बढ़ाने और कैश ट्रेड्स के लिए मार्जिन की जरूरतों को घटाने के विकल्प पर गौर कर रहा है।

एक और इस विकल्प पर गौर हो रहा है कि ऑप्शन ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाई जाए और कैश ट्रेडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए इस पर एसटीटी घटाई जाए। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक एसटीटी पर तो अगले साल फरवरी में बजट पेश होने के पहले कुछ नहीं हो सकता है। हालांकि सेबी इसे लेकर एक डिस्कशन पेपर जारी करेगा, ताकि सभी विकल्पों पर चर्चा हो सके। इसके बाद सेबी का बोर्ड इस पर फैसला लेगा।

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