भारतीय शेयर बाजार में कई महीनों के उतारचढ़ाव के बाद पिछले डेढ़ महीने में तेजी वापस लौटी है। जून के निचले स्तर से बाजार करीब 13 फीसदी से भी अधिक ऊपर चढ़ चुका है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) जून के मध्य में करीब 51,000 के स्तर तक लुढ़क गया था, जो अभी फिलहाल 58,100 से ऊपर कारोबार कर रहा है। इस तरह पिछले डेढ़ महीने में सेंसेक्स 7,000 अंक से भी अधिक चढ़ा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी (Nifty-50) में भी इस दौरान 2,000 अंकों से अधिक की उछाल आई है। जून मध्य में निफ्टी करीब 15,200 के अपने निचले स्तर तक फिसल गया था, जो अब 17,300 के ऊपर कारोबार कर रहा है। सिर्फ जुलाई महीने में देंखें, तो सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 9 फीसदी से अधिक की तेजी आई है।
घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी अपने उच्चतम स्तर पर
आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही के अंत में घरेलू निवेशकों की भारतीय कंपनियों के शेयरों में हिस्सेदारी बढ़कर 23.53 फीसदी पर पहुंच गई, जो मार्च तिमाही के अंत में 23.34 फीसदी थी। जून तिमाही में घरेलू निवेशकों ने बाजार में करीब 1.28 लाख करोड़ रुपये निवेश किया। बता दें कि घरेलू निवेशकों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के अलावा रिटेल और हाई नेट-वर्थ इंडीविजुअल (HNI) भी आते हैं।
इसके अलावा बाजार में तेजी का एक अहम कारण विदेशी निवेशकों की वापसी भी रही। अक्टूबर 2021 के बाद जुलाई 2022 में पहली बार भारत में FIIs नेट बायर रहे। जुलाई में FIIs ने 65.1 अरब डॉलर की खरीदारी की। जबकि इससे पहले जून महीने में FIIs ने भारतीय बाजारों में 6.31 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। इस बीच डॉलर इंडेक्स 109 से घटकर 106 पर आ गया है। इससे भी बाजार सेंटिमेंट को बूस्ट मिला। उम्मीद है कि यूएस फेड आगे कम आक्रामक रवैया अपनाएगा इससे क्रूड ऑयल में बड़ी तेजी नहीं आएगी।
17,800 है निफ्टी के लिए अगला लक्ष्य
इंडियाचार्ट्स के फाउंडर और Elliot-Wave एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने कुछ दिन पहले मनीकंट्रोल को दिए गए अपने इंटरव्यू में वर्तमान मार्केट के ब्रेकआउट के पहले ही इस लेवल के हासिल होने का अनुमान दिया था। रोहित श्रीवास्तव कहा कि पिछली बातचीत में उन्होंने निफ्टी के लिए 6 हफ्तों के अंदर 16984-17000 का लक्ष्य दिया था, जो कि हासिल हो चुका है। निफ्टी के लिए अगला लक्ष्य 17800 का नजर आता है।
उन्होंने कहा कि 17800 का लक्ष्य हासिल करने के बाद निफ्टी ठहरता नजर आएगा। फिर इसमें कंसोलिडेशन और अंतत: करेक्शन देखने को मिलेगा। यह करेक्शन तब तक जारी रहेगा जब तक कोई बुनियादी बदलाव नहीं होता। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि बाजार में किसी बड़ी रैली के लिए ग्लोबल स्थितियों में सकारात्मक बदलाव और डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती की जरूरत होगी। बाजार की आगे की दशा के निर्धारण में डॉलर की स्थिति और अमेरिकी इकोनॉमी की चाल की अहम भूमिका होगी।
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