पिछले सत्रों में स्टॉक मार्केट्स में आई गिरावट का बड़ा असर एसएमई आईपीओ इंडेक्स पर पड़ा है। यह सूचकांक 28 अगस्त को 1,14,991 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। 7 अक्टूबर को यह गिरकर 98,290 प्वाइंट्स पर आ गया था। यह 13 फीसदी यानी करीब 16,000 प्वाइंट्स की गिरावट आई है। हालांकि, 8 अक्टूबर को इंडेक्स में रिकवरी दिखी। यह 11:43 बजे 7 अक्टूबर की क्लोजिंग के मुकाबले 1.29 फीसदी चढ़कर 99,826 प्वाइंट्स पर चल रहा था। इस साल बीएसई एसएमई आईपीओ 114 फीसदी चढ़ा है, जबकि बीते एक साल में इसने 180 फीसदी रिटर्न दिया है।
एसएमई स्टॉक्स की वैल्यूएशन हाई लेवल पर
पिछले काफी समय से एसएमई के आईपीओ में निवेशकों की खूब दिलचस्पी देखने को मिली है। इससे इस सेगमेंट के शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है। एनालिस्ट्स का कहना है कि ज्यादा वैल्यूएशन और कुछ स्टॉक्स में मैनुपेलशन की आशंका निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। निवेशकों का मानना है कि कुछ आईपीओ के खिलाफ सेबी की कार्रवाई हो सकती है। इसका असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ रहा है। कई एसएमई आईपीओ जिनमें हाल तक काफी ज्यादा प्राइस पर ट्रेडिंग हो रही थी, अब उनकी दोबारा रेटिंग हो रही है।
गिरावट का असर एसएमई आईपीओ इंडेक्स पर भी पड़ा
एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि वैश्विक स्तर पर स्थितियां अनिश्चित दिख रही हैं। इसका असर भी एसएमई के शेयरों पर दिख रहा है। इस वजह से इस सेगमेंट के निवेशक सावधानी बरतते दिख रहे हैं। सैमको सिक्योरिटीज के अपूर्व शेठ ने कहा कि हाल में एसएमई स्टॉक्स में आई तेजी की बड़ी वजह लिक्विडिटी और बुलिश मार्केट सेंटीमेंट था। सितंबर में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दिखी। लेकिन दूसरे सूचकांकों में कमजोरी दिखी। इसका मतलब है कि मार्केट सेंटीमेंट कमजोर था। इसका असर एसएमई इंडेक्स पर भी पड़ा।
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निवेशकों को अच्छे एसएमई स्टॉक्स में निवेश करने की सलाह
इस बीच, सेबी ने निवेशकों को एसएमई आईपीओ से जुड़े रिस्क को लेकर आगाह किया है। इसका असर भी बीएसई एसएमई आईपीओ इंडेक्स पर पड़ा है। 30 अगस्त को सेबी के होल-टाइम डायरेक्टर अश्विनी भाटिया ने कहा था कि एसएमई आईपीओ के लिए नए नियम इस साल अंत तक आ सकते हैं। इस बीच, एनालिस्ट्स का कहना है कि बीएसई एसएमई इंडेक्स अपने ऑल-टाइम हाई लेवल से नीचे आया है। लेकिन, सभी एसएमई स्टॉक्स की वैल्यूएशन ज्यादा नहीं है। उनका कहना है कि निवेशकों को अच्छी वित्तीय सेहत, ग्रोथ की बेहतर संभावना और स्ट्रॉन्ग कॉर्पोरेट गवर्नेंस वाले एसएमई के स्टॉक्स पर फोकस करने की जरूरत है।