Budget 2022: राकेश झुनझुनवाला भारतीय बाजार पर हैं बुलिश लेकिन स्टार्टअप से रहेंगे दूर

राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि आगे पब्लिक सेक्टर बैंक बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इनका वैल्यूएशन काफी सस्ता है.

अपडेटेड Feb 01, 2022 पर 6:31 PM
राकेश झुनझुनवाला का कहना है कि आगे हमें निजी क्षेत्र का निवेश, सरकारी क्षेत्र के निवेश को पिछाड़ता नजर आ सकता है।

राकेश झुनझुनवाला भारतीय इकोनॉमी और बाजार को लेकर काफी बुलिश है। उनका कहना है कि देश में टैक्स कलेक्शन आसमान छू रहा है और देश बड़े बदलाव के मुहाने पर है। इसके बावजूद बिगबुल स्टार्टअप को लेकर बहुत उत्साहित नहीं हैं। वे नई पीढ़ी की टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों से दूरी बनाए रखने के पक्षधर है।

CNBC-TV18 से यूनियन बजट के बाद हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में नेट टैक्स कलेक्शन 3-4 लाख करोड़ रुपये ज्यादा रहा है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 के अनुमान से कहीं ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश का वित्तीय घाटा बजट अनुमान से 1-1.5 फीसदी कम रहेगा जो इस बात का संकेत है कि अगले साल देश का टैक्स कलेक्शन 4 लाख करोड़ रुपये ज्यादा रहेगा। हालांकि यह अपने में एक कंजर्वेटिव अनुमान है।

बतातें चले कि वित्त वर्ष 2022 की अप्रैल -दिसंबर अवधि में देश का ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू 19.29 लाख करोड़ रुपये रहा था जबकि नेट टैक्स रेवेन्यू 14.74 लाख करोड़ रुपये रहा था।


सरकार ने वित्त वर्ष 2022 के लिए ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू अनुमान को बढ़ाकर 25.16 लाख करोड़ रुपये और नेट टैक्स रेवेन्यू अनुमान को बढ़ाकर 17.65 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसी तरह वित्त वर्ष 2023 के लिए ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू अनुमान को 27.58 लाख करोड़ रुपये रखा गया है जबकि इस अवधि में नेट टैक्स कलेक्शन 19.35 लाख करोड़ रुपये का अनुमान किया गया।

इसी तरह वर्तमान वित्त वर्ष में वित्तीय घाटे के GDP के 6.9 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया है। इसी तरह वित्त वर्ष 2023 में इसमें 6.4 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया है।

इस बातचीत में राकेश झुनझुनवाला ने कहा है कि आगे बाजार अच्छा प्रदर्शन करता नजर आएगा। हम सिर्फ कुछ पेड़ों के लिए जंगल गवां रहे हैं। टैक्स नियमों में सुधार लाने पर सरकार का फोकस अपना असर दिखा रहा है। सरकार का लक्ष्य 8-8.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ हासिल करना है। आगे जीडीपी ग्रोथ 8 फीसदी और उसके बाद 10 फीसदी तक जाती नजर आ सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर के निवेशक भारत में निवेश करना चाहते हैं। इंडिया में स्वच्छ, साफ सुथरे और रेग्यूलेटेड टैक्स कानून है। ईंज ऑफ डूइंग बिजनेस के मोर्चे पर भी काफी प्रगति हुई है। चाइना प्लस वन फैक्टर अभी बहुत बड़े रूप में प्रभावी होता नजर नहीं आया है। हम क्रेडिट साइकिल को पार कर चुके हैं। अब हमारे सामने कैपेक्स साइकिल खड़ा है यानी देश में निवेश बढ़ता नजर आएगा। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि हमें कुमार मंगलम बिडला, अदानी, मुकेश अंबानी की बातों पर ध्यान रखना चाहिए जो कहते हैं कि वे देश में बड़ा निवेश करेंगे।

राकेश झुनझुनवाला का कहना है कि आगे हमें निजी क्षेत्र का निवेश, सरकारी क्षेत्र के निवेश को पिछाड़ता नजर आ सकता है। उन्होंने इस बातचीत में कहा कि राज्यों के चुनाव के बावजूद सरकार बजट को बहुत लोकलुभावन बनाने से दूर रही है। हम भाग्यशाली हैं कि हमने बाजार मे निवेश कर रखा है । मैं बाजार और इकोनॉमी दोनों को लेकर बुलिश हूं।

राकेश झुनझुनवाला का मानना है कि भारत एक बड़े बदलाव के नजदीक है। ईंज ऑफ डूईंग बिजनेस, निजीकरण, अच्छे और पारदर्शी टैक्स कानून, ब्यूरोक्रेसी की मनमानी पर लग रही रोक इस बात के संकेत है कि हम सही रास्ते पर हैं। सुधार एक निश्चित प्रक्रिया है और हम इस रास्ते पर चलते नजर आ रहे हैं ।

कहां करें निवेश? इस सवाल का जवाब देते हुए राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि आगे पब्लिक सेक्टर बैंक बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इनका वैल्यूएशन काफी सस्ता है। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि आप क्या खरीद रहे हैं इससे ज्यादा महत्तवपूर्ण होता है कि आप किस वैल्यूएशन पर खरीद रहे हैं। स्टॉक की कीमतें अक्सर कंपनी के कैश फ्लो और उसके अर्निंग पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मैं स्टार्टअप से दूर रहना पसंद करूंगा। क्रिप्टोकरेंसी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि आरबीआई क्रिप्टोकरेसी को प्रमोट करें।

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