Budget 2024: REITs में अब 12 महीने के निवेश को माना जाएगा लॉन्ग-टर्म, घटी 36 महीने की पुरानी समयसीमा

Budget 2024: बजट के नए प्रस्तावों के तहत, REITS में एक साल से अधिक समय तक निवेश को लॉन्ग-टर्म निवेश माना जाएगा। अभी तक REITS के लिए सीमा 3 साल थी। REITS में 3 साल से कम के निवेश को शॉर्ट-टर्म निवेश माना जाता था। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि इससे REITs में निवेश को बढ़ावा मिलेगा

अपडेटेड Jul 24, 2024 पर 1:36 PM
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Budget 2024: देश में अभी तक कुल चार REITs भारतीय एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हैं

Budget 2024: कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gain Tax) को आसान और तर्कसंगत बनाने के इरादे से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बजट 2024-25 में कई बदलावों का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, "अब से सभी लिस्टेड फाइनेंशियल एसेट्स को एक साल से अधिक समय तक होल्ड करने पर उसे लॉन्ग टर्म निवेश माना जाएगा। वहीं अनलिस्टेड फाइनेंशियल या नॉन-फाइनेंशियल एसेट्स के मामले में कम से कम दो साल तक होल्ड करने के बाद, उस निवेश को लॉन्ग टर्म माना जाएगा। बता दें कि लिस्टेड फाइनेंशियल एसेट्स स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स के अलावा रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट यानी REITS भी आता है। नए प्रस्ताव के तहत, REITS में एक साल से अधिक समय तक निवेश को लॉन्ग-टर्म निवेश माना जाएगा। अभी तक REITS के लिए सीमा 3 साल थी। REITS में 3 साल से कम के निवेश को शॉर्ट-टर्म निवेश माना जाता था।

REITs क्या होता है?

REIT (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) एक इनवेस्टमेंट ट्रस्ट है, जिनके पास पैसा बनाने वाले रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज का मालिकाना हक होता है। भारत में फिलहाल REITs को केवल कमर्शियल प्रॉपर्टीज में निवेश की इजाजत है। म्यूचुअल फंड की तरह, REITs भी निवेशकों से रियल एस्टेट में निवेश करने के लिए पैसे जुटाते हैं।

REITs का फायदा यह है कि यह रिटेल निवेशकों को कमर्शियल रियल एस्टेट, खासतौर से ग्रेड 'ए' ऑफिस में निवेश करने की इजाजत देता है जिसमें वैसे उनके लिए निवेश करना मुश्किल होता। अभी तक, देश में कुल चार REITs भारतीय एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हैं: एम्बेसी ऑफिस पार्क REIT, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क REIT, ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट।


REITs में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि लॉन्ग टर्म निवेश की होल्डिंग अवधि को 36 महीने से घटाकर 12 महीने करने से REITs में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह भी दूसरे फाइनेंशियल एसेट्स के बराबर आ जाएगा। माइंडस्पेस REIT के सीईओ रमेश नायर ने कहा, "इस ऐलान से बाकी लॉन्ग-टर्म इनवेस्टमेंट्स की तुलना में REITs अधिक आकर्षक एसेट्स बन जाता है। यह उन निवेशकों को आकर्षित करेगा जो जल्दी रिटर्न चाहते है, जो उन शॉर्ट-टर्म निवेशकों को आकर्षित करेगा जो पहले शायद इससे दूर रहे हों।"

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