Share Markets: सेंसेक्स दिन के हाई से 900 अंक टूटा, आखिर क्यों नहीं टिक पाई 2% की शुरुआती तेजी?
Share Markets: भारतीय शेयर मार्केट आज 24 मार्च को शानदार तेजी के साथ खुले, लेकिन यह शुरुआती जोश ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया। सेंसेक्स खुलते ही करीब 2 प्रतिशत तक उछल गया, लेकिन कुछ ही देर में ऊपरी स्तर से इसमें करीब 900 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार की शुरुआत शानदार रही, लेकिन जैसे-जैसे खबरें सामने आईं, निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ गया
Share Markets: मार्च महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में करीब 9.5% तक की गिरावट आ चुकी है
Share Markets: भारतीय शेयर मार्केट आज 24 मार्च को शानदार तेजी के साथ खुले, लेकिन यह शुरुआती जोश ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया। सेंसेक्स खुलते ही करीब 2 प्रतिशत तक उछल गया, लेकिन कुछ ही देर में ऊपरी स्तर से इसमें करीब 900 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार की शुरुआत शानदार रही, लेकिन जैसे-जैसे खबरें सामने आईं, निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ गया।
सुबह 9:54 बजे के करीब, सेंसेक्स 693.34 अंक यानी 0.95% की बढ़त के साथ 73,389.73 पर कारोबार कर रहा था, जबकि शुरुआती कारोबार में यह 74,212.47 के स्तर तक उछल गया था। निफ्टी भी 221.90 अंक चढ़कर 22,734.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
आखिर क्यों नहीं टिक पाई बाजार की तेजी?
ईरान-यूएस तनाव पर उलझे संकेत
शेयर बाजार की शुरुआत अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद पर हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले को टालने और बातचीत की संभावना जताई थी, जिससे बाजार में पॉजिटिव माहौल बना। लेकिन ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया, जिससे अनिश्चितता फिर बढ़ गई। इसके अलावा, रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि सऊदी अरब और यूएई भी इस जंग में शामिल हो सकते हैं, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव
सोमवार को ब्रेंट क्रूड के भाव में 11% की भारी गिरावट आई थी, जिससे बाजार को राहत मिली थी। लेकिन आज एशियाई कारोबार के समय क्रूड की कीमतें फिर करीब 4% उछल गईं। तेल की कीमतों में यह अस्थिरता भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय है और यही कारण है कि बाजार की तेजी टिक नहीं पाई।
ग्लोबल संकेत और अनिश्चितता
अमेरिकी बाजारों में मजबूती और डॉलर में कमजोरी जैसे पॉजिटिव संकेत जरूर मिले, लेकिन एशियाई बाजारों में तेजी अपने उच्च स्तर से नीचे आ गई। मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, होर्मुज समुद्री मार्ग अब भी बंद है, जिससे एनर्जी की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में बाजार पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो पा रहा है।
सेक्टर और शेयरों का हाल
शुरुआती कारोबार में सभी 16 सेक्टर हरे निशान में खुले थे और मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 1.6% की तेजी रही। सबसे अधिक तेजी बैंकिंग और ऑटो शेयरों में देखने को मिली। HDFC बैंक में 1.1% की बढ़त देखी गई, क्योंकि बैंक ने पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे में उठाए मुद्दों की जांच के लिए बाहरी लॉ फर्म नियुक्त की है।
निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance) और आयशर मोटर्स (Eicher Motors) 3% से ज्यादा चढ़ गए। एशियन पेंट्स में 2% तक की तेजी देखने को मिली क्योंकि कंपनी कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है।
ऑटो सेक्टर में बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर 1-3% तक चढ़ गए। वहीं इंडिगो, टाइटन, ट्रेंट, अदाणी एंटरप्राइजेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, अपोलो हॉस्पिटल्स और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) में भी 2-3% की बढ़त रही।
मार्च महीने में 9.5% टूटा बाजार
मार्च महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में करीब 9.5% तक की गिरावट आ चुकी है। इसका मुख्य कारण ऊंचे कच्चे तेल के दाम और विदेशी निवेशकों की बिकवाली रहा है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म एमको ग्लोबल का मानना है कि निकट अवधि में बाजार में रिकवरी आ सकती है। खासकर ऑटो, बैंकिंग, एनबीएफसी और ऑयल रिफाइनिंग सेक्टर में।
कुल मिलाकर, बाजार में तेजी की शुरुआत जरूर हुई, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने इस रैली को कमजोर कर दिया।
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