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Stock Market : आज फिर होगी बुल्स की बल्ले-बल्ले, अनुज सिंघल से जानें किन सेक्टर और शेयरों पर फोकस से बनेगा पैसा

अनुज सिंघल का कहना है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक, फेडरल रिज़र्व, ने एक बड़ा बयान दिया है जिससे बाजार में हलचल है। फेड का कहना है कि अमेरिका में "स्टैगफ्लेशन" का खतरा मंडरा रहा है। स्टैगफ्लेशन का मतलब है कि महंगाई तो बढ़ेगी लेकिन अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 20, 2025 पर 9:12 AM
Stock Market : आज फिर होगी बुल्स की बल्ले-बल्ले, अनुज सिंघल से जानें किन सेक्टर और शेयरों पर फोकस से बनेगा पैसा
US FED ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि इस साल 2 बार RATE CUT की उम्मीद जताई है, लेकिन 2025 के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ अनुमान घटाया है

US FED ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।  हालांकि इस साल 2 बार RATE CUT की  उम्मीद जताई है, लेकिन 2025 के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ अनुमान घटाया है और महंगाई बढ़ने की भी बात कही है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका है।लेकिन  फेड महंगाई दर 2% के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पॉवेल ने यह भी साफ किया कि अगर महंगाई नहीं घटती है तो दरें भी नहीं घटेंगी। अर्थव्यवस्था धीमी रफ्तार से बढ़ सकती है। बेरोजगारी दर बढ़कर 4.4% रहने की आशंका है। इकोनॉमिक ग्रोथ अनुमान 0.4% घटाकर 1.7% कर दिया है। 2025 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान भी घटाकर 1.7% कर दिया है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। समय के साथ टैरिफ का असर दिखाई देगा। ऐसे में आज 20 मार्च को भारतीय इक्विटी बाजारों के भी मजबूती के साथ खुलने की संभावना है।

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक, फेडरल रिज़र्व, ने एक बड़ा बयान दिया है जिससे बाजार में हलचल है। फेड का कहना है कि अमेरिका में "स्टैगफ्लेशन" का खतरा मंडरा रहा है। स्टैगफ्लेशन का मतलब है कि महंगाई तो बढ़ेगी लेकिन अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ेगी। आसान भाषा में समझें तो आपकी सैलरी नहीं बढ़ेगी लेकिन आपके खर्चे बढ़ते जाएंगे। मान लीजिए आपकी सैलरी वही रहे या कम हो जाए लेकिन आपके घर का किराया और राशन का बिल बढ़ जाए, तो आप क्या करेंगे? अमेरिका के लोग भी अब इसी सवाल से जूझ रहे हैं।

कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका की यह हालत उसके खुद के फैसलों का नतीजा है। इसका असर यह होगा कि अमेरिका के निवेशक अब दूसरे देशों में पैसा लगाना शुरू करेंगे। यह हमारे लिए एक सुनहरा मौका है। अगर भारत सरकार द्वारा किये गए टैक्स में कटौती और ब्याज दरों में कमी का असर दिखने लगा तो भारतीय बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।

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