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El Nino IMD Update: अल नीनो के खतरे के बीच IMD ने 2 हफ्तों का फोरकास्ट दिया, 1 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम, मानसून को कितना खतरा?

मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से गुजर रही है। अगले 4-5 दिनों में इसके तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 19, 2026 पर 2:31 PM
El Nino IMD Update: अल नीनो के खतरे के बीच IMD ने 2 हफ्तों का फोरकास्ट दिया, 1 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम, मानसून को कितना खतरा?
El Nino IMD Update: अल नीनो के खतरे के बीच आईएमडी ने 2 हफ्तों का फोरकास्ट दिया, एक जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम, मानसून को कितना खतरा?

El Nino IMD Update: भारत में मानसून की रफ्तार और बारिश को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दो हफ्तों (18 जून से 1 जुलाई 2026 तक) का विस्तृत Extended Range Forecast जारी कर दिया है। इस बुलेटिन में मौसम विभाग ने प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे अल नीनो के प्रभाव और मानसून को इससे होने वाले खतरे का पूरा विश्लेषण साझा किया है। आईएमडी के मुताबिक अल नीनो का असर मानसून पर साफ दिखने लगा है। इसके चलते पहले हफ्ते में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर रहेगा। हालांकि दूसरे हफ्ते (25 जून से 1 जुलाई) में स्थितियां बदलेंगी और मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।

मानसून को कितना खतरा? बड़े पैमाने पर मौसमी प्रणालियों का हाल

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं। समुद्र की सतह के गर्म होने के कारण वायुमंडल ने भी प्रतिक्रिया दी है और महासागर-वायुमंडल की यह संयुक्त प्रणाली अब पूरी तरह अल नीनो के अनुकूल व्यवहार कर रही है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम के संकेत बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान अल नीनो की स्थिति और मजबूत होगी। ये भारत में सामान्य से कम बारिश का मुख्य कारण बन सकती है।

अन्य वैश्विक प्रणालियों का असर

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