आपको जैसे ही एक शआनदार जॉब मिलती है, तो सबसे पहले आपके सपनों को पंख लगने शुरु हो जाते हैं। फिर आपको अपने ड्रीम याद आने लगते हैं। ऐसे में गर आपका ड्रीम कार लेना है, तो फिर इस ड्रीम को आखिर कैसे पूरा करें?  क्या कार को किराए पर या लीज पर खरीद कर ड्रीम पूरा करें या फिर खरीद ही लें।
वैसे तो ड्रीम खरीदने पर ही पूरा होगा। लेकिन शुरुआती दौर में जब जॉब लगती है, तो तने पैसे नहीं होते कि डाउन पेमेंट किया जा सके। हालांकि ईएमआई जरूरी भरी जा सकती होगी। ऐसे में सबसे पहले जानें किराए या लीज पर कार लेने के नफा नुकसान

किराए पर कार


किराए पर कार लेने के लिए कार बनाने वाली कई कंपनियां जैसे हुंडई, मर्सिडीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, फीएट और स्कोडा जैसी ऑटो मेबाइल कंपनियां किराए पर सेवाएं दे रही हैं।
इसके अलावा जैप और रेव जैसे कई प्लेटफॉर्म भी हैं, जो किराए पर कार मुहैया कराते हैं।
किराए पर कार लेने से आपको केवल मासिक किराया देना होता है। इसके लिए आपको डाउन पेमेंट और रखरखाव की चिंता करने की जरूरत नहीं हैं। इसमें कार के असली मालिक कार निर्माता या किराए पर देने वाले होते हैं। अगर आप अपने मौजूदा शहर को छोड़कर दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं तो आपको दूसरे शहर में भी सुविधा मिल जाएगी। इसमें आपको कार लेकर जाने की जरूरत नहीं है। अगर आपको 2-4 साल तक कार चलाने का शौक है, फिर से नई कार चेंज करनी है तो आपके लिए किराए की कार बेहतर हैं। इसमें आप कार बदल-बदल कर चला सकते हैं। इसके साथ ही अगर आपको कार पसंद आ गई हो तो आप बाद में इसे खरीद भी सकते हैं। कुछ प्लेटफॉर्म सब्सक्रिप्शन के आधार पर किराए पर कार देते हैं। जैसे 12, 36 और 48 महीने की सब्सक्रिप्शन पर आप कार ले सकते हैं।

क्या है फायदे का सौदा


कार को किराए पर लेना या खरीदना, इसके कुछ आंकड़े आपके सामने पेश कर रहे हैं। आप खुद तय कीजिएगा कि कौन सा बेहतर सौदा होगा।
अगर आपने स्विफ्ट वीडीवाई कार लिया तो इसकी ऑन रोड मौजूदा कीमत 7.89 लाख रुपये हैं। इसमें दो या तीन साल की किराया खरीदने के मुकाबले अधिक होता है। टाइम पीरियड जितना ज्यादा होगा, किराया उतना अधिक होगा। जबकि वहीं खरीदने पर आपको ईएमआई कम देनी होगी।

कार मॉडल – स्विफ्ट वीडीआई
कीमत – 7.89 लाख रुपये (ऑन रोड प्राइस)


दो साल के लिए कार रहती है तब


खरीदने पर (2 साल के लिए लोन के जरिए, 10 फीसदी की दर से 80 फीसदी फाइनेंस)
डाउनपेमेंट : 1.57 लाख रुपये
लोन रीपेमेंट : 6.99 लाख रुपये
ईएमआई : 29,146 रुपये प्रति महीने
मेनटिनेंस कॉस्ट : 9,000 रुपये
रीसेल वैल्यू : 30 फीसदी डेप्रिसिएशन के साथ 5.52 लाख रुपये

यदि 4 साल के लिए कार रहती है तब 


खरीदने पर (4 साल के लिए लोन के जरिए, 10 फीसदी की दर से 80 फीसदी फाइनेंस)
डाउनपेमेंट : 1.57 लाख रुपये
लोन रीपेमेंट : 7.68 लाख रुपये
ईएमआई : 16,019 रुपये प्रति माह
मेनटिनेंस कॉस्ट : 18,000 रुपये
रीसेल वैल्यू : 50 फीसदी डेप्रिसिएशन के साथ 3.94 लाख रुपये
कुल लागत : 5.49 लाख रुपये
सब्सक्रिप्शन कॉस्ट : 10.95 लाख रुपये या 22,830 रुपये प्रति माह (48 महीनों की अवधि के लिए; पहले 12 महीनों में चार्जेज ज्यादा हैं)

कुल मिलाकर कम टाइम के लिए कार किराए पर ले सकते हैं। लेकिन लॉन्ग टाइम के लिए कार खरीदना बेहतर है। हालांकि कार खरीदने के बाद तुरंत आपके पास बचत नहीं होती है। लेकिन अगर आपको बार –बार शहर बदलना पड़ता है या फिर आप हर बार कार बदलना चाहते हों तो फिर लीज या किराए पर कार ले सकते हैं।