Buyback News: कंपनियों के बायबैक के ऐलान पर शेयरहोल्डर्स की निगाहें लगी रहती हैं। कम से कम पांच कंपनियां ऐसी हैं, जो अगस्त के पहले तक बायबैक का या तो ऐलान करने वाली हैं या कर चुकी हैं। हालांकि यह ऐसे समय में हो रहा है, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को इस वित्त वर्ष 2024 के बजट में बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया। बजट के ऐलान के मुताबिक अब शेयर बायबैक से हुई आय पर शेयरहोल्डर्स को टैक्स चुकाना होगा। अब तक इसकी देनदारी कंपनियों पर बनती थी। बजट पेश होने के एक हफ्ते के भीतर पांच कंपनियों ने पहले ही बायबैक का ऐलान कर दिया है या इसे लेकर बोर्ड के बैठक की डेट तय कर दी है। चूंकि नए नियम 1 अक्टूबर से लागू होने हैं तो यह देखना बाकी है कि इसे लागू होने से पहले कौन-कौन सी कंपनियां बोनस बांट देती हैं।
कौन-कौन सी कंपनियों करने वाली हैं बायबैक?
वेलस्पन लिविंग पहले ही शेयर बायबैक का ऐलान कर चुकी है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 5 अगस्त है। इंडस टावर्स के शेयर बायबैक के प्रस्ताव परल आज 30 जुलाई को बोर्ड की बैठक में फैसला होगा। इसके अलावा सविता ऑयल टेक्नोलॉजीज के बायबैक पर 3 अगस्त, सेरा सेनेटरीवेयर के बायबैक पर 5 अगस्त को और एआईए इंजीनियरिंग के बायबैक पर 7 अगस्त को बोर्ड की बैठक में फैसला होगा। अरबिंदो फार्मा के शेयर बायबैक का ऐलान बजट से पहले हो गया था जिसकी रिकॉर्ड डेट आज 30 जुलाई है।
Share Buyback: किन कंपनियों पर रहेगी नजर?
ऊपर उन कंपनियों के बारे में बताया गया है, जिन कंपनियों ने बायबैक से जुड़ा ऐलान कर दिया है। अब बात करते हैं ऐसी कंपनियों की जो समय-समय पर बायबैक से जुड़े फैसले लेती रहती हैं और इसमें आईटी कंपनियां सबसे आगे हैं। इनकी बात इसलिए करनी जरूरी है क्योंकि 1 अक्टूबर से नया नियम लागू हो जाएगा तो देखना ये है कि क्या ये शेयर बायबैक से जुड़ा ऐलान करेंगी? हालांकि सबसे अहम तो ये भी जानना है कि क्या कंपनियां अगर चाहें तो इसका ऐलान कर भी सकती हैं? ऐसा नहीं हैं। सेबी के नियमों के मुताबिक दो शेयर बायबैक को बोर्ड से मंजूरी के बीच कम से कम 365 दिनों का अंतर होना चाहिए। अब देखते हैं कौन-कौन सी लॉर्जकैप आईटी कंपनी बायबैक कर सकती हैं।
टीसीएस के बोर्ड ने इससे पहले अक्टूबर 2023 में बायबैक को मंजूरी दी थी यानी कि अक्टूबर से पहले इसे फिर से मंजूरी नहीं मिल सकती है। इंफोसिस को फरवरी 2023 में बायबैक की मंजूरी मिली थी यानी कि यह अगर चाहे तो बायबैक का ऐलान नए नियम लागू होने से पहले कर सकती है। एचसीएलटेक ने 2018 और टेक महिंद्रा ने 2019 से बायबैक नहीं किया है तो ये भी चाहे तो ऐलान कर सकती हैं। विप्रो की बात करें तो पिछली बार इसके बोर्ड ने 27 अप्रैल 2023 को मंजूरी दी थी तो यह भी एलिजिबिल है।
अब नॉन-आईटी कंपनी की बात करें तो कुछ और भी ऐसी कंपनियां हैं जो समय-समय पर बायबैक का ऐलान करती हैं। अजंता फार्मा ने इससे पहले 2019,2022 और 2023 और 2024 में बायबैक का ऐलान किया। इससे पहले कंपनी को मई 2024 में बोर्ड की मंजूरी मिली थी तो यह अब नए नियम आने से पहले ऐलान कर ही ना सकती है। इंडियामार्ट ने 2022 और 2023 में बायबैक का ऐलान किया था। पिछले साल कंपनी को 20 जुलाई 2023 को बोर्ड की मंजूरी मिली थी तो यह नए बायबैक का ऐलान कर सकती है। आरती ड्रग्स ने इससे पहले 2016, 2018, 2021 और 2023 में शेयर बायबैक का ऐलान किया था। पिछले साल कंपनी को 21 जुलाई 2023 को बोर्ड की मंजूरी मिली थी तो अब यह चाहे तो नए नियम लागू होने से पहले बायबैक पर फैसला ले सकती है।