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Capex Data : देश में कैपेक्स की क्या है पिक्चर, केंद्र और राज्य में कौन कर रहा है ज्यादा खर्च, प्राइवेट कैपेक्स की क्या है सूरत!

Capex Data : प्राइवेट कैपेक्स की पिक्चर पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2021 में प्राइवेट सेक्टर का कैपेक्स 4.8 लाख करोड़ रुपए रहा। वहीं, वित्त वर्ष 2024 में ये आंकड़ा 8.4 लाख करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2025 में ये 9.95 लाख करोड़ रुपए पर रहा है। इस अवधि में इसमें 19.8 फीसदी की सालाना ग्रोथ देखने को मिली है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 17, 2025 पर 3:25 PM
Capex Data : देश में कैपेक्स की क्या है पिक्चर, केंद्र और राज्य में कौन कर रहा है ज्यादा खर्च, प्राइवेट कैपेक्स की क्या है सूरत!
Capital Expenditure : कैपेक्स के मामले में राज्य पिछ़ड़ते नजर आए हैं। वित्तवर्ष 2021 में राज्यों का कैपेक्स 4.2 लाख करोड़ रुपए पर था। वित्त वर्ष 2025 में ये आंकड़ा 6.1 लाख करोड़ रुपए पर रहा

Capex Data : बाजार की नजर जिस आंकड़े पर होती है वो है कैपेक्स। कैपेक्स वो जादूई नंबर है जो बाजार का मूड बना भी देता है बिगाड़ भी देता है। सेंटर, राज्य और प्राइवेट कैपेक्स की क्या है पूरी पिक्चर, कौन कैपेक्स में आगे है और कौन पिछड़ रहा है आइए इसको समझते हैं। वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 के बीच की सालाना कैपेक्स ग्रोथ पर नजर डालें तो इस अवधि में केंद्र सरकार के कैपेक्स में सालाना 24.3 फीसदी और प्राइवेट कंपनियों के कैपेक्स में सालाना 19.8 फसदी की ग्रोथ हुई। जबकि राज्य सरकारों के कैपेक्स में सालाना 11.9 फीसदी की बढ़त हुई।

प्राइवेट कैपेक्स की पिक्चर

प्राइवेट कैपेक्स की पिक्चर पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2021 में प्राइवेट सेक्टर का कैपेक्स 4.8 लाख करोड़ रुपए रहा। वहीं, वित्त वर्ष 2024 में ये आंकड़ा 8.4 लाख करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2025 में ये 9.95 लाख करोड़ रुपए पर रहा है। इस अवधि में इसमें 19.8 फीसदी की सालाना ग्रोथ देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025 में ऑयल एंड गैस सेक्टर में 2.8 लाख करोड़ रुपए कैपेक्स का अनुमान था। जबकि वास्तविक कैपेक्स 1.5 लाख करोड़ रुपए पर रहा जो अनुमान का करीब 40 फीसदी है।

वित्त वर्ष 2025 में पावर सेक्टर में 1.8 लाख करोड़ रुपए कैपेक्स का अनुमान था। जबकि वास्तविक कैपेक्स 0.7 लाख करोड़ रुपए पर रहा जो अनुमान का करीब 38 फीसदी है। वित्त वर्ष 2025 में कमोडिटीज में 1.6 लाख करोड़ रुपए कैपेक्स का अनुमान था। जबकि वास्तविक कैपेक्स 0.8 लाख करोड़ रुपए पर रहा जो अनुमान का करीब 46 फीसदी है। वित्त वर्ष 2025 में ऑटो सेक्टर में 0.8 लाख करोड़ रुपए कैपेक्स का अनुमान था। जबकि वास्तविक कैपेक्स 0.3 लाख करोड़ रुपए पर रहा जो अनुमान का करीब 36 फीसदी है।

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