सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस (SaaS) कंपनी कैपिलरी टेक्नोलोजिज इंडिया की 21 नवंबर को लिस्टिंग निराशाजनक रही। लेकिन तुरंंत ही शेयर ने 11 प्रतिशत तक की छलांग लगाई। शेयर BSE पर 2.9 प्रतिशत घाटे के साथ 560 रुपये और NSE पर 0.88 प्रतिशत घाटे के साथ 571.90 रुपये पर लिस्ट हुआ। फिर शेयर BSE पर 13 प्रतिशत और NSE पर लगभग 11 प्रतिशत तक चढ़ गया। IPO प्राइस 577 रुपये था।
कारोबार खत्म होने पर शेयर BSE पर लिस्टिंग प्राइस से 8.38 प्रतिशत बढ़त के साथ 606.90 रुपये पर सेटल हुआ। वहीं NSE पर 5 प्रतिशत बढ़त के साथ 601.10 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का 877.70 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 14-18 नवंबर के बीच खुला था और 52.98 गुना भरकर बंद हुआ था। इसमें 345.20 करोड़ रुपये के 0.60 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही 532.50 करोड़ रुपये के 0.92 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा।
कैपिलरी टेक्नोलोजिज के प्रमोटर Capillary Technologies International Pte Ltd और अनीश रेड्डी बोद्दू हैं। कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 393.98 करोड़ रुपये जुटाए। कैपिलरी टेक्नोलोजिज इंडिया की शुरुआत साल 2008 में हुई थी और इसका हेडक्वार्टर बेंगलुरु में है।
Capillary Technologies India का वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू 14% बढ़कर 611.87 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 14.15 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। अप्रैल-सितंबर 2025 अवधि के दौरान रेवेन्यू 362.56 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1.03 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 88.94 करोड़ रुपये की उधारी थी।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
कैपिलरी टेक्नोलोजिज इंडिया अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट की फंडिंग के लिए; प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म की रिसर्च, डिजाइनिंग और डेवलपमेंट के लिए; कंप्यूटर सिस्टम्स की खरीद के लिए, पहले से न पता एक्वीजीशंस के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ की फंडिंग के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
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