Capital Goods Stocks : पावर प्रोजेक्ट्स में बोली लगाने के लिए चीनी कंपनियों को मिल सकती है राहत, BHEL, सीमेंस और L&T पर बना दबाव

Capital Goods Stocks : इस खबर के बाद 8 जनवरी की ट्रेडिंग में BHEL के शेयर 10 प्रतिशत के लोअर सर्किट लिमिट पर पहुंच गए। हिताची एनर्जी, ABB इंडिया जैसे दूसरे कैपिटल गुड्स स्टॉक्स में भी 4-4.5 फीसदी की गिरावट आई। ब्लू चिप फर्म L&T के शेयर में भी करीब 3 फीसदी की गिरावट आई

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 4:49 PM
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BHEL share price : इन पाबंदियों का काफी असर हुआ था। इन्हें लागू किए जाने पर चीन की सरकारी कंपनी CRRC को 216 मिलियन डॉलर के ट्रेन बनाने के कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने से डिसक्वालिफाई कर दिया गया था

Capital Goods Stocks : पावर सेक्टर में सरकारी प्रोजेक्ट्स के बिडिंग में चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदी हट सकती है। रॉयटर्स के हवाले से आई खबर के मुताबिक सरकार की चीनी कंपनियों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त मंत्रालय सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर लगी 5 साल पुरानी पाबंदियों को खत्म करने की योजना बना रहा है। नई दिल्ली चीन के साथ सुधरते डिप्लोमैटिक संबंधों और सीमा पर घटाते तनाव के माहौल में उसके साथ कारोबारी संबंधों को फिर से शुरू करना चाहता है। इस खबर के बाद आज के कारोबार में BHEL, सीमेंस और L&T जैसी कंपनियों पर दबाव दिखा है।

इस खबर के बाद 8 जनवरी की ट्रेडिंग में BHEL के शेयर 10 प्रतिशत के लोअर सर्किट लिमिट पर पहुंच गए। हिताची एनर्जी, ABB इंडिया जैसे दूसरे कैपिटल गुड्स स्टॉक्स में भी 4-4.5 फीसदी की गिरावट आई। ब्लू चिप फर्म L&T के शेयर में भी करीब 3 फीसदी की गिरावट आई।

बता दें कि BHEL पूरे भारत में थर्मल पावर प्लांट के लिए उपकरण बनाता है,उन्हें चालू करता है और सप्लाई करता है। इसमें बड़े सुपरक्रिटिकल प्रोजेक्ट (800 MW+) भी शामिल हैं। यह NTPC जैसी सरकारी कंपनियों और अदानी पावर जैसी प्राइवेट कंपनियों के लिए टर्बाइन, जनरेटर और बॉयलर बनाकर भारत की एनर्जी सिक्योरिटी में अहम भूमिका निभाता है।


इस बीच,सीमेंस के शेयर भी आज 4% से ज़्यादा गिर गए क्योंकि चीन की CRRC भी रेलवे कॉन्ट्रैक्ट में उनकी कॉम्पिटिटर है। अगर कमेटी की सिफारिशों को मंज़ूरी मिल जाती है तो उसे अब रेल कॉन्ट्रैक्ट में हिस्सा लेने की इजाज़त मिल सकती है।

इन पाबंदियों का काफी असर हुआ था। इन्हें लागू किए जाने पर चीन की सरकारी कंपनी CRRC को 216 मिलियन डॉलर के ट्रेन बनाने के कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली लगाने से डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। 2020 में दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के तहत,चीन की बोली लगाने वाली कंपनियों को एक भारतीय सरकारी समिति के साथ रजिस्टर करना और राजनीतिक और सुरक्षा मंज़ूरी लेना ज़रूरी कर दिया गया था।

 

 

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