CDSL share price: बुधवार 14 जून की शुरुआत में 558 करोड़ रुपये के 56 लाख शेयरों की खरीद-फरोख्त के बाद सीडीएसएल (CDSL) के शेयर की कीमत 4 प्रतिशत गिर गई। ब्लॉक डील के खरीदार और विक्रेता का तुरंत पता नहीं चल सका है। लेकिन इस डील में 5.4 प्रतिशत हिस्सेदारी में लेन-देन हुआ है। लेकिन डीलरों ने मनीकंट्रोल से बात की और कहा कि इसमें बीएसई संभावित विक्रेता रहा। डीलर्स के मुताबिक हाई नेट वर्थ वाले निवेशक और घरेलू म्यूचुअल फंड इसके संभावित खरीदार थे। आज सुबह 9.20 बजे स्टॉक एनएसई पर 1,008 रुपये पर था। जो पिछले बंद से 3 प्रतिशत नीचे रहा। इसमें 67 लाख शेयरों का ट्रेडिंग वॉल्यूम एक महीने के औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम के 12 गुना से अधिक देखने को मिला।
CDSL ये निवेशकों को खाता खोलकर सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक (dematerialised) रूप में जमा करने की अनुमति देता है। ये कंपनी लेनदेन शुल्क, खाता रखरखाव शुल्क और पार्टिसिपेंट्स द्वारा भुगतान किए गए सेटलमेंट चार्जेस के साथ-साथ वार्षिक शुल्क, कॉर्पोरेट एक्शन और ई-वोटिंग शुल्क से अपनी कमाई करती है।
FY23 में BSE के पास CDSL में 20% स्टेक
FY23 के अंत तक BSE के पास CDSL में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। घरेलू फंडों में पराग पारिख म्यूचुअल फंड (Parag Parikh Mutual Fund) की कंपनी में 4 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी थी। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड (Nippon India Mutual Fund) की 1.5 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी थी।
सीडीएसएल को 2017 में एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किया गया। बीएसई की सीडीएसएल में 50.05 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। आईपीओ के जरिये बीएसई ने बाजार नियामक सेबी (Sebi) के मानदंडों को पूरा करने के लिए अपनी हिस्सेदारी का 26.05 प्रतिशत बेच दिया।
सेबी के नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज की डिपॉजिटरी में 24 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं हो सकती है।
मार्च 2023 को समाप्त तिमाही के लिए सीडीएसएल की शुद्ध बिक्री 124.77 करोड़ रुपये रही। जो एक साल पहले की अवधि में 136.56 करोड़ रुपये से सालाना 8.64 प्रतिशत कम रही। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 63.10 करोड़ रुपये था जो सालाना आधार पर 18.74 प्रतिशत कम रहा।
2020 और 2021 में स्टॉक में तेजी आई थी। जब डीमैट खाता खोलने में तेजी आई थी। हालांकि 2022 में खाता खुलने में आई हुई कमी के कारण स्टॉक 40 प्रतिशत से अधिक गिर गया।
सीडीएसएल ने लेनदेन शुल्क और आईपीओ/कॉरपोरेट एक्शन रेवन्यू में तेज गिरावट के कारण उम्मीद से कमजोर नतीजे पेश किये। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने चौथी तिमाही की आय रिपोर्ट के बाद बताया।