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सीमेंट कंपनियों की मुश्किलें खत्म होने के कगार पर, दूसरी छमाही में देखने को मिलेगी मजबूत ग्रोथ

Cement sector outlook: सीमेंट एक ऐसी कमोडिटी है जो लगभग पूरी तरफ से घरेलू इकोनॉमी में खप जाती है ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि सीमेंट सेक्टर पर ग्लोबल मंदी का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Nov 04, 2022 पर 4:45 PM
सीमेंट कंपनियों की मुश्किलें खत्म होने के कगार पर, दूसरी छमाही में देखने को मिलेगी मजबूत ग्रोथ
बाजार जानकारों का कहना है कि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में सीमेंट सेक्टर की वॉल्यूम ग्रोथ 8-9 फीसदी के मजबूत स्तर पर रहेगी

Cement sector outlook: दूसरी तिमाही के नतीजों का मौसम लगभग अपनी समाप्ति की ओर है। अधिकांश सीमेंट कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे आ चुके हैं। इन कंपनियों का प्रदर्शन काफी हद तक एनालिस्ट्स के अनुमान के मुताबिक रहा है। हालांकि एसीसी लिमिटेड अपवाद रहा है। बतातें चलें कि परंपरागत तौर पर दूसरी तिमाही सीमेंट कंपनियों के लिए कमजोर रहती है। इस अवधि में मानसून सीजन के पीक पर रहने के कारण आम तौर पर कंस्ट्रक्शन गतिविधियां कमजोर रहती हैं। जिसके चलते सीमेंट की मांग घट जाती है।

वॉल्यूम में दिखी ग्रोथ

दूसरी तिमाही में अधिकांश कंपनियों के वॉल्यूम में सालाना आधार पर बढ़त देखने को मिली है लेकिन तिमाही आधार पर उम्मीद के मुताबिक ही वॉल्यूम में कमजोरी रही है। दूसरी तिमाही में सीमेंट कंपनियों के वॉल्यूम में सालाना आधार पर 10 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ देखने को मिली है। हालांकि ACC और Heidelberg Cement इसके अपवाद रहे हैं। इनके वॉल्यूम में गिरावट देखने को मिली है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के हर्ष मित्तल का कहना है कि दूसरी तिमाही में बड़ी कंपनियों के मार्केट शेयर में वॉल्यूम में डबल डिजिट ग्रोथ के साथ बढ़त देखने को मिली है। इस अवधि में Shree Cements और Dalmia Bharat के वॉल्यूम में सालाना आधार पर 18 फीसदी और 14 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि तिमाही आधार पर इनके वॉल्यूम में 1 फीसदी और 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह अंबुजा सीमेंट के वॉल्यूम में सालाना आधार पर 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं तिमाही आधार पर इसमें 9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। भारत की सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादन कंपनी UltraTech Cement के वॉल्यूम में सालाना आधार पर 10 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है और तिमाही आधार पर 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

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