ये चाय बड़ी दिलचस्प चीज है। चाय प्रतीक है दोस्ती का, मानसम्मान का, दिल की बातें करने का। जब किसी विषय या मुद्दे से प्यार हो तो उसकी चर्चा करते हुए चाय की चुस्कियां लगाई जाती हैं इसे ही कहते हैं चाय पर चर्चा। इस वक्त देश में सियासी माहौल गरम है। आप जहां भी नजरें घुमाएंगे चाय की गुमटी पर राजनीति के सुलगते मुद्दों लोग चर्चा करते मिल जाएंगे। कुछ वक्त पहले ही इससे ही क्लू लेते हुए सीएनबीसी-आवाज़ ने भी चाय पर चर्चा प्रोग्राम शुरू किया था। अब दर्शकों की भारी डिमांड पर इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। इस शो में बाजार, राजनीति और देश के सुलगते मुद्दों की चर्चा होगी। तो तैयार हो जाइए आवाज़ की टीम के साथ गरमा-गरम चाय के साथ चटपटी चर्चा के लिए। इस चर्चा में जुड़ रहे हैं आवाज़ के कंसल्टिंग एडिटर शैलेंद्र भटनागर, हेमंत घई और विरेंद्र कुमार।
