यूएस फेड के रुख में बदलाव से बढ़ेगा विदेशी निवेश, स्मॉलकैप्स में अभी भी बाकी है दम : शंकर शर्मा

मशहूर निवेशक शंकर शर्मा का कहना है कि 2024 में नरम मौद्रिक नीति के यूएस फेड के संकेत से देश में विदेशी निवेश के प्रवाह तेजी आती दिखेगी। लेकिन भारतीय बाजार विदेशी प्रवाह के साथ या उसके बिना भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। फेडरल रिजर्व ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यह इस बात संकेत है कि यूएस फेड अब दरों में बढ़त का चक्र लगभग पूरा कर चुका है। अब इसमें और बढ़त की उम्मीद नहीं है

अपडेटेड Dec 14, 2023 पर 12:55 PM
शंकर शर्मा ने कहा 2024 में यूएस फेड की मौद्रिक नीतियों में नरमी के चलते भारत में बड़ी मात्रा में विदेशी पैसा आता दिखेगा। लेकिन भारतीय बाजार काफी मजबूत स्थिति में है। ये विदेशी प्रवाह के साथ या उसके बिना भी अच्छा प्रदर्शन करता नजर आएगा

फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने आखिरकार नरम रुख अपनाया और अगले साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए हैं। लेकिन जाने-माने निवेशक शंकर शर्मा को इससे आश्चर्य नहीं हुआ हैं। शंकर शर्मा ने इस बारे में मनीकंट्रोल से हुआ बातचीत में कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका एक उपभोक्ता-संचालित अर्थव्यवस्था है और कम ब्याज दरें अर्थव्यवस्था के इंजन को चालू रखने के लिए ग्रीस (ल्युब्रीकेंट) करती हैं। ऐसे में, यह होना ही था"।

शंकर शर्मा ने आगे कहा कि 2024 में नरम मौद्रिक नीति के यूएस फेड के संकेत से देश में विदेशी निवेश के प्रवाह तेजी आती दिखेगी। लेकिन भारतीय बाजार विदेशी प्रवाह के साथ या उसके बिना भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

गौरतलब है कि फेडरल रिजर्व ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यह इस बात संकेत है कि यूएस फेड अब दरों में बढ़त का चक्र लगभग पूरा कर चुका है। अब इसमें और बढ़त की उम्मीद नहीं है। फेड के नीति निर्माताओं ने यह संकेत भी दिया है कि वे अगले साल अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में तीन चौथाई अंक की कटौती कर सकते हैं।


भारत में बढ़ेगा विदेशी निवेश

इस बातचीत में शंकर शर्मा ने कहा आगे 2024 में यूएस फेड की मौद्रिक नीतियों में नरमी के चलते भारत में बड़ी मात्रा में विदेशी पैसा आता दिखेगा। लेकिन भारतीय बाजार काफी मजबूत स्थिति में है। ये विदेशी प्रवाह के साथ या उसके बिना भी अच्छा प्रदर्शन करता नजर आएगा।

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ब्याज दरें कम होना स्मॉलकैप के लिए अच्छी खबर

चूंकि एफआईआई का लार्जकैप में बड़ा निवेश है, ऐसे क्या आपको लगता है कि लार्जकैप अब स्मॉलकैप को पीछे छोड़ते दिखेंगे? क्या अब लार्जकैप आउटपरफॉर्म करेंगे? इसके जबाव में शंकर ने कहा कि उन्हे ऐसा नहीं लगता। शंकर ने कहा कि दो साल पहले उन्होंने कहा थी कि भारत विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग बाजार आकार की संभावनाओं वाले देशों के एक समूह जैसा है। इसका मतलब है कि एक छोटी कंपनी को 500 करोड़ रुपये का कारोबार करने के लिए पूरे भारत में जाने की जरूरत नहीं है। यह बस अपने उस इलाके में रह कर कारोबार कर सकती जहां के बाजार को वह अच्छी तरह से समझती है। वास्तव में यही हुआ भी है। छोटी कंपनियों, रीजनल प्लेयर्स ने शानदार प्रदर्शन किया है। यह स्थिति अभी भी नहीं बदली है। अब अमेरिका में ब्याज दरें कम होने से जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ेगी। ये स्मॉलकैप के लिए और भी अच्छी खबर है। शंकर को लगता है कि भारतीय बाजार बहुत मजबूत स्थिति में हैं और 2024 में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। स्मॉलकैप में अभी बहुत दम बाकी है आगे इनमें जोरदार तेजी देखने को मिलेगी।

 

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