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Sugar price : इथेनॉल नीति में बदलाव से चीनी कंपनियों की आय बढ़ेगी, शुगर शेयरों की होगी रि-रेटिंग: रिपोर्ट

DAM कैपिटल का कहना है कि सरकार द्वारा गन्ने के रस और बी-हैवी गुड़ से इथेनॉल उत्पादन पर प्रतिबंध हटाने के हालिया फैसले से नए सीजन के शुरू होने से पहले इथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 02, 2024 पर 12:02 PM
Sugar price : इथेनॉल नीति में बदलाव से चीनी कंपनियों की आय बढ़ेगी, शुगर शेयरों की होगी रि-रेटिंग: रिपोर्ट
डालमिया भारत शुगर से उम्मीद है कि वह अपनी अनाज डिस्टिलरी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करेगी जिससे वित्त वर्ष 2026 तक अनुमानित 220 मिलियन लीटर इथेनॉल का उत्पादन होगा

Sugar stocks : DAM कैपिटल ने एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इथेनॉल मिश्रण नीतियों पर स्पष्टता आने और चीनी मिलों द्वारा डिस्टिलरी क्षमताओं के पूर्ण उपयोग के चलते वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से चीनी कंपनियों की आय में मजबूत ग्रोथ होगी। इसके परिणामस्वरूप आगे चलकर इस सेक्टर की पुनः रेटिंग भी होगी। ब्रोकरेज ने बलरामपुर चीनी मिल्स, त्रिवेणी इंजीनियरिंग और डालमिया भारत शुगर जैसी बड़ी चीनी कंपनियों के लिए अपनी "Buy" सिफारिश को बनाए रखा है। DAM कैपिटल का कहना है कि सरकार द्वारा गन्ने के रस और बी-हैवी गुड़ से इथेनॉल उत्पादन पर प्रतिबंध हटाने के हालिया फैसले से नए सीजन के शुरू होने से पहले इथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा 29 अगस्त को जारी एक अधिसूचना में सरकार ने घोषणा की है कि अब गन्ने के रस, बी-हैवी, सी-हैवी गुड़ और अनाज सहित सभी उपलब्ध फीडस्टॉक्स से इथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, चीनी मिलों और स्टैंडअलोन डिस्टिलरी को अब इथेनॉल उत्पादन के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 2.3 मिलियन टन चावल खरीदने की अनुमति होगी।

सरकार के इस कदम ने दिसंबर 2023 में लागू की गई नीतियों को उलट दिया है। पिछली निति में 2024 के आम चुनाव के मद्देनजर चीनी की बढ़ती कीमतों के कारण इन तरीकों से इथेनॉल उत्पादन को प्रतिबंधित कर दिया गया था। DAM Capital के मुताबिक इन बदलावों को देखते हुए 2024-25 सीज़न के लिए इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को फिर से सक्रिय किए जाने की उम्मीद है।

भारत में चीनी का मौजूदा स्टॉक 1 अक्टूबर तक 8 मिलियन टन से अधिक होने का अनुमान है। ये 5 मिलियन टन की न्यूनतम जरूरत से काफी ज्यादा है। वही, कुल चीनी उत्पादन 32 मिलियन टन रहने की उम्मीद है, जो 29 मिलियन टन की खपत दर को पार कर जाएगा। इथेनॉल उत्पादन के लिए 5 मिलियन टन से अधिक अधिशेष उपलब्ध होगा। डीएएम कैपिटल का अनुमान है कि लगभग 4-5 मिलियन टन चीनी इथेनॉल उत्पादन की ओर भेज दी जा सकती जो 4.5 से 5 बिलियन लीटर इथेनॉल के उत्पादन के लिए पर्याप्त है। सरकार के इस कदम से चीनी कंपनियों को अपनी डिस्टिलरी क्षमताओं का पूरा उपयोग करने की सहूलियत मिलने की उम्मीद हैजो पिछले सीजन में फीडस्टॉक प्रतिबंधों के कारण लगभग 60-70 प्रतिशत कम उपयोग स्तर पर रही थी।

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