विदेशी निवेशक इस कारण भारतीय मार्केट से बनाए हैं दूरी, ये स्थिति बनी तो तेजी से आएगा निवेश

घरेलू निवेशकों के दम पर भारतीय स्टॉक मार्केट ने अपनी मजबूती कायम रखी। हालांकि विदेशी निवेशकों की बात करें तो पिछले महीने अगस्त में उन्होंने ताबड़तोड़ बिकवाली की थी। क्रिस के मुताबिक भारतीय ग्रोथ की रफ्तार मजबूत दिख रही है, इसके बावजूद वैश्विक फंड्स यहां अधिक पैसे नहीं डाल रहे हैं। उन्होंनेे इसकी वजह का भी खुलासा किया और यह भी बताया कि किस स्थिति में निवेश आ सकता है

अपडेटेड Sep 19, 2024 पर 2:25 PM
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क्रिस वुड कई मौकों पर कह चुके हैं दस साल के टाइमफ्रेम में भारत की ग्रोथ काफी शानदार है। जेफरीज का मानना है कि अगर भारतीय स्टॉक मार्केट में 10 फीसदी की बड़ी गिरावट आती है तो इसे विदेशी निवेशक निवेश के सुनहरे मौके के तौर पर देख सकते हैं। (File Photo-Pexels)

जुलाई में जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैपिटल गेन्स पर टैक्स पर बढ़ाया था आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि इससे स्टॉक मार्केट को झटका लगेगा। हालांकि जेफरीज के क्रिस वुड इस बात से हैरान हैं कि भारतीय मार्केट काफी मजबूत दिख रहा है। 23 जुलाई के निचले स्तर 21,281 से निफ्टी 50 तेजी से उबरा है और 4 हजार प्वाइंट्स उछला है। आज तो यह 25,611 की रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में क्रिस वुड ने कहा कि भारतीय स्टॉक मार्केट को घरेलू निवेश से तगड़ा सपोर्ट मिला जिसने इसकी मजबूती को कायम रखा।

विदेशी निवेशकों ने क्यों बनाई है दूरी?

घरेलू निवेशकों के दम पर भारतीय स्टॉक मार्केट ने अपनी मजबूती कायम रखी। हालांकि विदेशी निवेशकों की बात करें तो पिछले महीने अगस्त में उन्होंने ताबड़तोड़ बिकवाली की थी। क्रिस के मुताबिक भारतीय ग्रोथ की रफ्तार मजबूत दिख रही है, इसके बावजूद वैश्विक फंड्स यहां अधिक पैसे नहीं डाल रहे हैं तो इसकी वजह ये है कि वैश्विक निवेशकों को कैपिटल गेन्स पर टैक्स में बढ़ोतरी ने परेशान किया है


भारत की बजाय कहां पैसे डाल रहे विदशी निवेशक?

क्रिस वुड कई मौकों पर कह चुके हैं दस साल के टाइमफ्रेम में भारत की ग्रोथ काफी शानदार है। जेफरीज का मानना है कि अगर भारतीय स्टॉक मार्केट में 10 फीसदी की बड़ी गिरावट आती है तो इसे विदेशी निवेशक निवेश के सुनहरे मौके के तौर पर देख सकते हैं। अभी की बात करें तो क्रिस वुड का मानना है कि भारत की बजाय फिलहाल विदेशी निवेशक ब्राजील के साथ-साथ दक्षिण-पूर्ण एशिया के इंडोनेशिया और फिलीप्पींस जैसे देशों में अधिक पैसे डाल रहे हैं। क्रिस वुड के पोर्टफोलियो में एनर्जी, रियल एस्टेट, कैपिटल प्ले और बैंकिंग स्टॉक्स हैं और भारत में उन्होंने 19 फीसदी पैसा रियल एस्टेट में डाला हुआ है।

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