एक दिन पहले लिस्ट हुई CMR ग्रीन टेक्नोलोजिज पर गोल्डमैन सैक्स फंड का दिल आ गया है। लिस्टिंग डे पर ही गोल्डमैन सैक्स फंड- गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने कंपनी के 19.41 लाख शेयर 256.64 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीद लिए। इनकी कुल कीमत 49.82 करोड़ रुपये है। ये शेयर CMR ग्रीन टेक्नोलोजिज की 0.88 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। गोल्डमैन सैक्स द्वारा मैनेज किए जाने वाले फंड ने बुधवार को बल्क डील के जरिए लगभग 50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
CMR Green Technologies का 630.88 करोड़ रुपये का IPO 5 जून को 127.07 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। उसके बाद इसकी लिस्टिंग 10 जून को BSE पर 43 प्रतिशत से ज्यादा प्रीमियम के साथ 275.40 रुपये और NSE पर 39 प्रतिशत से ज्यादा प्रीमियम के साथ 268 रुपये पर हुई। लेकिन बाद में शेयर फिसला और 10 प्रतिशत गिरावट के साथ लोअर सर्किट लगा।
11 जून को भी शेयर में गिरावट है। दिन में यह BSE पर पिछली क्लोजिंग से लगभग 3 प्रतिशत टूटकर 240.25 रुपये के लो तक गया। बाद में 1.6 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ 243.75 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 5300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है।
CMR ग्रीन टेक्नोलोजिज लिमिटेड नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लर है और सेकेंडरी एल्युमीनियम मार्केट में काम करती है। यह एल्युमीनियम और जिंक डाई-कास्टिंग अलॉयज में माहिर है। कंपनी रीसाइकिल किए गए एल्युमीनियम अलॉयज (इंगट और लिक्विड फॉर्म में), जिंक अलॉयज इंगट बनाती है। साथ ही भट्टी में इस्तेमाल के लिए स्टेनलेस स्टील, कॉपर, ब्रास, जिंक, लेड और मैग्नीशियम जैसे स्क्रैप भी बनाती है। कंपनी एल्युमीनियम बिलेट्स भी बनाती है, जिनकी सप्लाई ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव दोनों सेक्टर में की जाती है। CMR ग्रीन टेक होंडा कार्स इंडिया, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, रॉयल एनफील्ड, एंड्योरेंस टेक्नोलोजिज, मारुति सुजुकी और जिंदल स्टेनलेस जैसी बड़ी कंपनियों को अपनी सर्विस देती है।
इसका IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल था, जिसमें प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों की ओर से 3.29 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा गया। नए शेयर जारी नहीं हुए। इसलिए IPO से हासिल पैसे शेयर बिक्री करने वालों के पास गए।
लिस्टिंग के बाद शेयर बेचें या करें होल्ड?
स्टॉक के आउटलुक पर स्वास्तिका इनवेस्टस्मार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है कि जबरदस्त लिस्टिंग गेन के बाद कुछ प्रॉफिट-बुकिंग और शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे कंपनी के काम को देखते हुए कुछ फायदा वसूलने (आंशिक तौर पर मुनाफा वसूली) और बाकी शेयर मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए रखने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने नए निवेशकों को सलाह दी कि वे ऊंचे भाव पर स्टॉक न खरीदें और नई खरीदारी करने से पहले करेक्शन या कंसोलिडेशन का इंतजार करें।निवेशक अपने फायदे को सुरक्षित रखने के लिए 192 रुपये के इश्यू प्राइस पर स्टॉप-लॉस लगा सकते हैं। अगर भाव इस लेवल से नीचे बना रहता है, तो यह कमजोर मोमेंटम का संकेत हो सकता है।
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