Coal India OFS: क्या आपको कोल इंडिया के ओएफस में इनवेस्ट करना चाहिए?

इस ओएफएस के जरिए सरकार कंपनी में अपनी 3 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। ओएफएस के लिए प्रति शेयर 225 रुपये का प्राइस तय है। यह 31 मई को शेयर के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 6.7 फीसदी कम है। यह ओएफएस करीब 4000 करोड़ रुपये का है। कोल इंडिया बिजली कंपनियों को सबसे ज्यादा कोयला सप्लाई करने वाली कंपनी है। यह डिमांड का करीब 75-80 फीसदी हिस्सा सप्लाई करती है

अपडेटेड Jun 01, 2023 पर 6:13 PM
यह ओएफएस रिटेल और नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 1 जून और 2 जून को खुला रहेगा। इसके तहत कुल 9.24 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जो कंपनी में 1.5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है।

Coal India के शेयरों में 1 जून को 5 फीसदी गिरावट आई। यह निफ्टी 50 का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। सरकार ने कोल इंडिया में अपनी हिस्सेदारी घटाने का ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी का ऑफर फॉर सेल (OFS) आया है। इस ओएफएस के जरिए सरकार कंपनी में अपनी 3 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। ओएफएस के लिए प्रति शेयर 225 रुपये का प्राइस तय है। यह 31 मई को शेयर के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 6.7 फीसदी कम है। यह ओएफएस करीब 4000 करोड़ रुपये का है।

2 जून तक खुला रहेगा OFS

एनालिस्ट्स का कहना है कि कोल इंडिया के शेयरों में आई गिरावट ओएफएस में पार्टिसिपेट करने का अच्छा मौका है। उनका मानना है कि कोल इंडिया का प्रदर्शन अच्छा बने रहने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ने वाली है। यह ओएफएस रिटेल और नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 1 जून और 2 जून को खुला रहेगा। इसके तहत कुल 9.24 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जो कंपनी में 1.5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इसका अलावा ग्रीन शू ऑप्शन भी होगा। इसके तहत ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में इतने ही अतिरिक्त शेयर बेचे जाएंगे।


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कोल इंडिया कोयले की सबसे बड़ी उत्पादक

इंडिया में कुल पावर प्रोडक्शन में थर्मल पावर की हिस्सेदारी करीब 70-75 फीसदी है। कुल कोयला उत्पादन का करीब 80-85 फीसदी थर्मल प्लांट को सप्लाई होता है। कोल इंडिया बिजली कंपनियों को सबसे ज्यादा कोयला सप्लाई करने वाली कंपनी है। यह डिमांड का करीब 75-80 फीसदी हिस्सा सप्लाई करती है।

खरीदारी का अच्छा मौका

ओएफएस की खबर से कोल इंडिया के शेयरों में आई गिरावट इसके शेयरों को खरीदने के लिए अच्छा मौका दिखता है। स्वास्तिका इनवेस्टमेंट के हेड ऑफ रिसर्च संतोष मीणा ने कहा कि हमारा मानना है कि इनवेस्टर्स को इस ओएफएस में पार्टिसिपेट करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि डाउनसाइड रिस्क 225 के लेवले के आसपास है। ऊपर में यह शेयर के 275 रुपये के टारगेट तक जाने की उम्मीद है।

शेयरों का टारगेट प्राइस

Incred Capital के वाइस प्रेसिडेंट गौरव बिस्सा ने कहा कि कोल इंडिया के शेयरों ने 205-207 के करीब ब्रेकआउट दिया है। इसने वीकली चार्ट पर हायर टॉप हायर बॉटम बनाया है। यह पॉजिटिव संकेत है। उनका कहना है कि अगर यह शेयर 220-225 रुपये तक गिर जाता है तो इसमें खरीदारी की जा सकती है। इसमें 205 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। ऊपर में यह शेयर 245-250 रुपये तक जाएगा।

कोयले की बढ़ती मांग का फायदा

मोतीलाल ओसवाल सर्विसेज ने कहा है कि कोल इंडिया ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इसके शेयर में इसके FY24 के प्राइस टू बुक के 2.2 गुना पर कारोबार हो रहा है। आगे पावर की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी ने अपने जी2-जी10 नॉन-कोकिंग कोल की कीमतें बढ़ाई हैं। नई कीमतें 31 मई से लागू हो चुकी हैं। कीमतों में 8 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। इससे FY24 में इनक्रिमेंटल रेवेन्यू 2,700 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।

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