Coal India Shares: एक तरफ घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा हुआ है और सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में ही 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 23800 के नीचे आ गया तो दूसरी तरफ कोल इंडिया के शेयर 4% से अधिक उछल पड़े। अगस्त महीने के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट, ई-ऑक्शन के मजबूत प्रीमियम और इसके बाद ब्रोकरेजेज के पॉजिटिव रुझान ने मिलकर शेयरों को पंख लगा दिए। फिलहाल बीएसई पर यह 4.06% की गिरावट के साथ ₹418.85 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.93% उछलकर ₹422.35 तक पहुंचा था।
पिछले साल 25 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹369.55 पर था। इस निचले स्तर से 5 महीने में यह 32.84% उछलकर 30 अप्रैल 2026 को एक साल के हाई ₹490.90 पर पहुंच गया। ओवरऑल बात करें तो इसे कवर करने वाले 45 एनालिस्ट्स में से 14 ने इसे खरीदारी, 6 ने होल्ड और 5 ने सेल रेटिंग दी है।
कैसा रहा Coal India के लिए अगस्त महीना
पिछले महीने अगस्त में कोल इंडिया का उत्पादन सालाना आधार पर 5.7% घटकर 47.5 MT पर आ गया लेकिन इसकी ऑफटेक यानी बिक्री 5.5% बढ़कर 60.6 MT पर पहुंच गई। इस वित्त वर्ष 2027 में अब तक यानी अप्रैल-अगस्त 2026 की बात करें तो कंपनी का उत्पादन सालाना आधार पर 4.5% गिरकर 267.5 MT पर आ गया। कोल इंडिया ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए उत्पादन का लक्ष्य 815 MT रखा है। अप्रैल-अगस्त में कंपनी का डिस्पैचेज 6.7% बढ़कर 322.9 MT पर पहुंच गया।
इसके अलावा कोल इंडिया का ई-ऑक्शन प्रीमियम अगस्त महीने में सालाना आधार पर 59% बढ़ गया तो अप्रैल-अगस्त 2026 में सालाना आधार पर यह 35% से बढ़कर 46% पर पहुंच गया। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले मंगलवार को इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद बिजनेस अपडेट जारी किया था।
कोल इंडिया पर क्या है ब्रोकरेज का रुझान
ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने ₹550 के टारगेट प्राइस के साथ कोल इंडिया की खरीदारी की रेटिंग को कायम रखा है। यूबीएस का कहना है कि अगस्त में कंपनी की बिक्री 6% बढ़ी जोकि बिजली की मांग में सालाना 13% की बढ़ोतरी से पीछे है। यूबीएस के मुताबिक उत्पादन में गिरावट के कारण वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में कंपनी ने पिटहेड कोयले के 55 MT की बिक्री की।
एचएसबीसी ने ₹440 के टारगेट प्राइस के साथ कोल इंडिया को होल्ड रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बिजली की मजबूत मांग और हाइड्रो पावर से कम बिजली उत्पादन के कारण कोयले की मांग मजबूत बनी हुई है। चूंकि कोयले का स्टॉक तीन साल के निचले स्तर पर आ गया है और क्षेत्रीय स्तर पर कोयले की कीमतों में तेजी आई है, तो ऐसे में एचएसबीसी को उम्मीद है कि कोल इंडिया की ई-ऑक्शन प्रीमियम में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।
मॉर्गन स्टैनले ने भी कोल इंडिया पर इक्वलवेट रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹420 पर फिक्स किया है तो अगस्त महीने के बिजनेस अपडेट के बाद नुवामा ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से बढ़ाकर होल्ड कर दी है और टारगेट भी ₹396 से बढ़ाकर ₹454 कर दिया।
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