सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के शेयरों में 2 नवंबर को दिन में लगभग 5 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर शेयर 407.80 रुपये के हाई तक गया। बाद में 407.40 रुपये पर सेटल हुआ। शेयर में तेजी की एक प्रमुख वजह है कोयला उत्पादन और ऑफटेक का अक्टूबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़ना। एक दूसरी वजह यह भी है कि कंपनी की सब्सिडियरी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स ने IPO का ड्राफ्ट जमा किया है।
कोल इंडिया का अक्टूबर में उत्पादन सालाना आधार पर 19.3 प्रतिशत बढ़कर 6.72 करोड़ टन हो गया। पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 5.64 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में कंपनी का ऑफटेक सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 7.03 करोड़ टन हो गया। एक साल पहले यह 5.92 करोड़ टन था। वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में कोल इंडिया का उत्पादन सालाना आधार पर 0.7 प्रतिशत बढ़कर 38.82 करोड़ टन हो गया। इन 7 महीनों के दौरान ऑफटेक 9.2 प्रतिशत बढ़कर 45.46 करोड़ टन रहा।
Coal India की सब्सिडियरीज का हाल
कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने अक्टूबर में 2.08 करोड़ टन के साथ सबसे अधिक उत्पादन दर्ज किया। यह सालाना आधार पर 25.3 प्रतिशत अधिक है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 1.43 करोड़ टन का उत्पादन किया, जो 17.4 प्रतिशत की वृद्धि है। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। उत्पादन 64.7 प्रतिशत बढ़कर 59 लाख टन हो गया। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) का उत्पादन 27.9 प्रतिशत बढ़कर 46 लाख टन रहा, जबकि सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) का उत्पादन 26.1 प्रतिशत बढ़कर 73 लाख टन हो गया।
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 29 लाख टन का उत्पादन किया। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) एकमात्र ऐसी प्रमुख सब्सिडियरी रही, जिसने उत्पादन में गिरावट दर्ज की। यह 4.3 प्रतिशत घटकर 1.14 करोड़ टन रह गया।
ऑफटेक के मोर्चे पर, डब्ल्यूसीएल ने अक्टूबर में 50.2 प्रतिशत की छलांग के साथ 67 लाख टन का आंकड़ा दर्ज किया। सीसीएल का ऑफटेक 44.7 प्रतिशत बढ़कर 80 लाख टन हो गया। ईसीएल का ऑफटेक 35.1 प्रतिशत बढ़कर 49 लाख टन, एमसीएल का 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.06 करोड़ टन और एसईसीएल का ऑफटेक 19.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.56 करोड़ टन रहा। एनसीएल का ऑफटेक 1.1 प्रतिशत घटकर 1.12 करोड़ टन रह गया।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स IPO की डिटेल
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना ड्राफ्ट दाखिल कर दिया है। SECL सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इस IPO के जरिए 80 करोड़ डॉलर तक की रकम जुटाई जा सकती है। IPO में केवल ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें कोल इंडिया 66.81 करोड़ तक शेयर बेचने की योजना बना रही है। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए IPO से होने वाली कमाई में से SECL को कुछ नहीं मिलेगा।
Coal India के शेयर पर ब्रोकरेज की राय
एक्सिस कैपिटल ने कोल इंडिया के शेयर के लिए 'ऐड' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 445 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कोल इंडिया पर 18 एनालिस्ट्स ने 'बाय' रेटिंग दी है। 5 ने 'होल्ड' और 2 ने 'सेल' कॉल दी है। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कोल इंडिया का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 57 प्रतिशत बढ़कर 6,547 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 4,167 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 20.8 प्रतिशत बढ़कर 44,179 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 36,553 करोड़ रुपये था। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 10.25 रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की है।
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