CNBC-TV18 को 13 अप्रैल 2022 को दिए गए अपने एक इंटरव्यू में कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि वर्तमान उतार-चढ़ाव भरे बाजार में आत्मसंतुष्टि ही निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि यह ऐसा बाजार है जिसमें फंडामेंटल किसी भी दिशा में जाते नजर आ सकते हैं। इस तरह की स्थितियों में हम संतोष के साथ बैठे नहीं रह सकते हैं । ऐसे में हमारे लिए स्थितियों पर नजर बनाए रखना और बाजार को सम्मान देना जरुरी है।
इस बातचीत में नीलेश शाह ने आगे कहा है कि वर्तमान में मैक्रो इकोनॉमी माहौल अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी ब्याज दरें, भारतीय ब्याज दरें, घरेलू के साथ ग्लोबल महंगाई दर शॉर्ट टर्म में कोई भी दिशा पकड़ सकती हैं। ऐसे में निवेशकों को सर्तक बने रहने की जरुरत है।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि ग्लोबल इक्विटी मार्केट यूक्रेन पर रूस के आक्रमण, अमेरिका जैसे विकसित देश में महंगाई के 4 दशकों के ऊपरी स्तर पर पहुंचने, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और यूएस फेड के पॉलिसी में कड़ाई आने जैसे तमाम मैक्रो चुनौतियों के बावजूद अभी भी मजबूत बना हुआ है।
निवेशकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इन बाजार परिस्थितियों में निवेशकों को कर्ज लेकर बाजार में निवेश करने से दूर रहना चाहिए और अपने निवेश में एसेट एलोकेशन की रणनीति का पालन करना चाहिए। नीलेश शाह का यह भी मानना है कि घरेलू डेट और इक्विटी मार्केट ने इस साल के अंतिम हिस्सों के दौरान आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को पचा लिया है ।
CPI में मार्च महीने में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी ने निवेशकों के मन में यह बात पक्की कर दी है कि आरबीआई अब जल्द ही अपने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। घरेलू बॉन्ड मार्केट पहले से ही यह मान कर चल रहा है कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी आगे रेपो रेट में 4 से 5 बार बढ़ोतरी कर सकती है।