साल 2025 खत्म हो गया है और नए साल की शुरुआत हो चुकी है। 2025 में हेडलाइन इंडेक्स ज्यादातर रेंजबाउंड रहे। भारत के प्राइमरी मार्केट ने सबका ध्यान खींचा, कंपनियों ने 365 से ज्यादा IPOs के जरिए रिकॉर्ड 1.95 लाख करोड़ रुपये जुटाए। इसके चलते बीता साल लिस्टिंग के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा कैलेंडर ईयर बन गया। इस बीच घरेलू लिक्विडिटी ने एक निर्णायक भूमिका निभाई। म्यूचुअल फंड्स ने IPOs में लगभग 23,000 करोड़ रुपये का निवेश किया।
