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Stock in News: 17 वर्षों में सबसे बड़ा इंट्रा-डे उछाल, 19% की जोरदार तेजी, किसी भी एक्सपर्ट ने नहीं दी बेचने की सलाह

Stock in News: यहां एक ऐसे स्टॉक की डिटेल दी जा रही है, जिसके शेयरों में आज इंट्रा-डे में 17 वर्षों का सबसे तेज उछाल आया। खास बात ये है कि इसे कवर करने वाले किसी भी ब्रोकरेज ने बेचने की सलाह नहीं दी है। चेक करें कि यहां किस स्टॉक की बात हो रही है और इसकी कारोबारी सेहत कैसी है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 06, 2026 पर 4:15 PM
Stock in News: 17 वर्षों में सबसे बड़ा इंट्रा-डे उछाल, 19% की जोरदार तेजी, किसी भी एक्सपर्ट ने नहीं दी बेचने की सलाह
Zydus Wellness को पिछले वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 में तगड़ा झटका लगा। कंपनी सालाना आधार पर मुनाफे से घाटे में आ गई। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी ₹6.4 करोड़ के शुद्ध मुनाफे से ₹40 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई।

Zydus Wellness Shares: पैकेज्ड फूड कंपनी जाइडस वेलनेस के शेयरों में आज खरीदारी का जोरदार रुझान दिखा। मार्केट में आज शुरुआती गिरावट के बीच भी इसके शेयर चमक उठे और करीब 19% उछल पड़े। यह इसके शेयरों के लिए 17 वर्षों में एक दिन का सबसे बड़ा उछाल रहा। इससे पहले जाइडस वेलनेस के शेयरों में ऐसी तेजी दिसंबर 2009 में दिखी थी, जब इसमें 20% की धमाकेदार तेजी आई थी। इस जोरदार तेजी के साथ जाइडस वेलनेस निफ्टी 500 इंडेक्स पर आज टॉप गेनर बन गया। आज बीएसई पर यह 14.86% की बढ़त के साथ ₹510.00 (Zydus Wellness Share Price) पर बंद हुआ है जबकि इंट्रा-डे में यह 18.94% उछलकर ₹528.10 तक पहुंच गया था।

जाइडस वेलनेस के शेयरों को मजबूत वॉल्यूम से सपोर्ट मिला। आज सोमवार 6 अप्रैल को इसके 2 करोड़ से शेयरों का लेन-देन हुआ जो इसके 20 दिनों के औसत करीब 14 लाख शेयरों से काफी अधिक है। हालांकि यह ध्यान रखें कि कंपनी की तरफ से ऐसा कोई खास ऐलान नहीं है, जिसके चलते कहा जा सके कि शेयरों ने इस कारण हुंकार भरी है। वैसे एक और खास बात ये है कि वित्तीय तौर पर कमजोर कारोबारी सेहत के बावजूद इसे लेकर ब्रोकरेजेज पॉजिटिव बने हुए हैं और इसे कवर करने वाले सभी आठ एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है।

कैसी है कारोबारी सेहत?

जाइडस वेलनेस को पिछले वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 में तगड़ा झटका लगा। कंपनी सालाना आधार पर मुनाफे से घाटे में आ गई। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी ₹6.4 करोड़ के शुद्ध मुनाफे से ₹40 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई। कंपनी के घाटे की मुख्य वजह खर्चों में भारी बढ़ोतरी रही जो सालाना आधार पर ₹455 करोड़ से बढ़कर लगभग दोगुना होकर ₹1,000 करोड़ हो गया। कंपनी का विज्ञापन और प्रचार पर खर्च लगभग तीन गुना बढ़ गया, साथ ही अन्य खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी हुई। नए लेबर कोड के चलते कंपनी पर ₹6.6 करोड़ का एकमुश्त असर भी पड़ा।

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